राहुल गांधी का आचरण गरिमाहीन, अपनी वास्तविक्ता कर रहे बेनकाब, बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आचरण और कार्यशैली पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि एक प्रमुख पद ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 05:21:40 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 05:25:40 PM (IST)
सीएम विष्णु देव साय। अर्काइवHighLights
- सीएम साय ने राहुल गांधी के आचरण को बताया अनुचित
- बोले, ऐसा व्यवहार नेता प्रतिपक्ष के पद के बिल्कुल विपरीत
- कहा राहुल की हरकतें जनता के सामने उन्हें बेनकाब कर रही हैं
डिजिटल डेस्क, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के राजनीतिक आचरण पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के हालिया बयानों और कार्यशैली पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि एक महत्वपूर्ण और शीर्ष पद पर बैठे राजनेता का इस तरह का आचरण कतई शोभा नहीं देता।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपनी हरकतों और तौर-तरीकों के कारण वे खुद देश की जनता के सामने बेनकाब हो रहे हैं, जो देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल के इतने बड़े नेता के कद के हिसाब से पूरी तरह अस्वीकार्य है।
पक्ष विपक्ष के बीच गहमागहमी तेज
राजनीतिक गलियारों में सीएम साय का यह बयान एक ऐसे समय में सामने आया है जब देश में विभिन्न मुद्दों को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच गहमागहमी तेज है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते देश की जनता उनसे एक जिम्मेदार और परिपक्व व्यवहार की उम्मीद करती है, लेकिन इसके विपरीत उनका रवैया लगातार निराश करने वाला रहा है।
विपक्ष अपनी कमजोरी ला रहा सामने
सत्ता पक्ष के नेताओं का मानना है कि राजनीतिक फायदे के लिए संस्थाओं पर सवाल उठाना और अमर्यादित आचरण करना विपक्ष की कमजोरी को दर्शाता है।विश्लेषकों का यह भी मानना है कि इस प्रकार के तीखे राजनीतिक बयानों से राज्य और केंद्र की सियासत में गर्माहट बनी हुई है।
नेतृत्व के दिशाहीन होने के आरोप
भाजपा लगातार यह आक्रामक रुख अपनाए हुए है कि कांग्रेस नेतृत्व की दिशाहीन नीतियां और तौर-तरीके ही देश भर में उनकी लगातार राजनीतिक हार का मुख्य कारण बन रहे हैं। बहरहाल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस कड़े हमले ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, और आने वाले दिनों में इस पर सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर और अधिक तीव्र होने की पूरी संभावना है।