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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड, कभी नहीं देखा होगा ऐसा VIDEO

सरगुजा व जशपुर जिले छत्तीसगढ़ के हिल स्टेशन के रूप में जाने जाते हैं।

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Publish Date: Mon, 31 Dec 2018 11:25:34 AM (IST)Updated Date: Mon, 31 Dec 2018 01:04:09 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड, कभी नहीं देखा होगा ऐसा VIDEO

अम्बिकापुर/ जशपुर । छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाके मे कड़ाके की ठंड ने जन जीवन को खासा प्रभावित किया है। दिन पर दिन मौसम का मिजाज और तीखा होता जा रहा है। दिन में ठंडी हवाओं के चलने के साथ ही रात का तापमान तेजी से गिर रहा है। आलम यह है कि मैनपाठ में सुबह के वक्त नल का पानी बर्फ बनकर जमा नजर आया। यहां रात का न्यूनतम तापमान 1 डिग्री के आस-पास पहुंच गया है।

पाठ इलाकों में कड़ाके की सर्दी

सरगुजा में जल की अवस्था परिवर्तन की सीमा से नीचे तापमान जा रहा है। अम्बिकापुर शहर के मौसम वेधशाला में रविवार की रात शहर का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री दर्ज किया गया। शहर के बाहरी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 1.4 से 3 डिग्री सेल्सियस रहने का रिकार्ड हुआ। कड़ाके की ठंड से लोग यहां बेहाल हो रहे हैं।


जशपुर जिले में भी यही हाल है। मैनपाठ, सामरी पाठ, पंडरापाठ जैसे पाठ इलाकों में तो ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। एक लंबे अंतराल के बाद यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है और पानी, बर्फ के रूप में जगह-जगह जमा नजर आ रहा है।

मैनपाठ में सुबह के वक्त एक नल का पानी पूरी तरह बर्फ के किस्टल के रूप में नजर आया। इसे देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि यहां ठंड से लोगों के जनजीवन पर कैसा प्रभाव पड़ रहा है। समूचा जिला शीतलहर की चपेट में है। दिसम्बर के उत्तरार्ध में ठंड का तेवर जब परवान चढ़ता है तो अम्बिकापुर शहर का पारा लुढ़क कर 8.6 डिग्री के औसत तापमान के इर्द गिर्द सिमट जाता है।

ऐसे जमकर बर्फ बन रहा पानी

दिसंबर में मासिक न्यूनतम तापमान अमूमन इसके उत्तरार्ध, मतलब 16 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच ही होता है, लेकिन विगत 33 वर्षों में दिसम्बर का रिकार्ड न्यूनतम 2.4 डिग्री सन 2011 में इस माह के पहले सप्ताह की 4 तारीख को दर्ज किया गया था। आज साल 2018 की आखिरी रात को अम्बिकापुर शहर का न्यूनतम पारा 4.0 डिग्री के स्तर तक लुढ़क गया है। 0.0 से 4.0 डिग्री का तापमान जल के जमाव बिंदु का तापमान है। इस तापमान से नीचे जल का ठोस अर्थात हिम या बर्फ की अवस्था में परिवर्तन प्रारम्भ हो जाता है।

छत्तीसगढ़ के सबसे ठंडे इलाके

सरगुजा व जशपुर जिले छत्तीसगढ़ के हिल स्टेशन के रूप में जाने जाते हैं। अम्बिकापुर शहर के बाहरी इलाकों में तापमान यहां की तुलना में 1 से 2 डिग्री तक कम रहता है और पाठ इलाकों में 2 से 3 डिग्री का अंतर रहता है। इस अवस्था में प्रातः सूर्योदय के दरमियान बाहरी क्षेत्रों के वातावरण का तापमान जल के हिमांक बिंदु की सीमा में रहता है।

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इससे वातावरण के जल कणों व अल्प मात्रा में रखा हुआ जल जम कर पाला, हिमकण या बर्फ की अवस्था मे बदल जाते हैं। रिकार्ड की दृष्टि से दिसंबर के अवलोकन करने पर कुछ वर्षों में अम्बिकापुर का दिसम्बर का न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री के नीचे भी जा चुका है।

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10 दिसंबर 1996 को 3.8 डिग्री, 26 दिसंबर 2012 तथा 26 दिसंबर 2015 को 3.4 डिग्री तक पारा गिरा था जबकि 4 दिसंबर 2011 को पारा में रिकार्ड 2.4 डिग्री तक शहर का तापमान गिरा था। इन तिथियों के बाद इस वर्ष आज एक बार फिर शहर का न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री की जल की अवस्था परिवर्तन की सीमा के तापमान तक पहुंचा है।