सीएसआर पर तकरार: मंत्री बोले- केंद्र सरकार निर्धारित करती है सीएसआर, राज्य सरकार को कार्रवाई का अधिकार नहीं
CG Vidhan Sabha 2023: छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल में विपक्षी विधायकों ने सीएसआर के मुद्दे पर मंत्री को घेरा। ...और पढ़ें
By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Fri, 24 Mar 2023 09:26:32 AM (IST)Updated Date: Fri, 24 Mar 2023 09:26:32 AM (IST)

रायपुर। राज्य ब्यूरो। CG Vidhan Sabha 2023: विधानसभा में प्रश्नकाल में विपक्षी विधायकों ने सीएसआर के मुद्दे पर मंत्री को घेरा। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि उद्योग यहां की जमीन, कोयला और पानी ले रहे हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कर रहे हैं। ओडिशा ने सीएसआर फंड के उपयोग के लिए स्पष्ट नीति बनाई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसी कोई नीति नहीं है।
सीएसआर पर मंत्री मोहम्मद अकबर का जवाब
मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि सीएसआर फंड केंद्र सरकार निर्धारित करती है। जिन कंपनियों ने सीएसआर फंड के तहत राशि नहीं दी है, उन्हें राशि देनी है। जो कंपनियां देरी करती हैं, उन पर कार्रवाई करने का भी नियम है, लेकिन राज्य सरकार को कार्रवाई का अधिकार नहीं है। ओडिशा की नीति मंगाकर अध्ययन कर लिया जाएगा।
राज्य सरकार को सीधी कार्रवाई करने का अधिकार नहीं
अजय चंद्राकर ने पूछा कि सीएसआर देने के लिए जब कंपनियां बाध्यकारी हैं, ऐसी स्थिति में जो कंपनियां सीएसआर जमा नहीं करती हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी किसकी है? मंत्री अकबर ने कहा कि कंपनी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। कंपनी के खिलाफ केंद्र के एक्ट के तहत ही कार्रवाई राज्य सरकार को सीधी कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। राज्य सरकार कंपनी अधिनियम के पालन करने के लिए कंपनी को कह सकती है, लेकिन कार्रवाई कंपनी अधिनियम के तहत ही होगी।
शिवरतन शर्मा ने कहा कि केंद्रीय अधिनियम का हवाला देकर राज्य सरकार पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है। सीएसआर के 40 से 50 फीसद हिस्सा राज्य सरकार लेकर दुरुपयोग करती है, जिन गांवों के विकास के लिए राशि खर्च करने की जरूरत होती है, वहां नहीं किया जाता।
जनप्रतिनिधियोें की कोई भूमिका नहीं: चंदेल
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि उद्योग से जब प्रभावित क्षेत्र में राशि खर्च करने की बात होती है, तो वह कहते हैं कि राज्य सरकार के निर्देश पर खर्च हो रहा है। पूरी राशि कलेक्टर खर्च करते हैं। जनप्रतिनिधियों की सीएसआर में कोई भूमिका नहीं है। अजय चंद्राकर ने कंपनियों के खर्च की जानकारी मांगी तो विधानसभा अध्यक्ष डा चरणदास महंत ने निर्देश दिया कि सभी को यह जानकारी दी जाए कि किस उद्योग ने कहां-कहां कितनी राशि खर्च की। विपक्षी विधायकोें ने सीएसआर की लूट को बंद करने की मांग को लेकर नारेबाजी की और बहिर्गमन किया।