
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से लारेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में फरार चल रहे शोएब ढेबर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस की ओर से दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मिलने के बाद अब पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र तारकेश्वर पटेल ने शोएब ढेबर की गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
इधर, शोएब ढेबर की ओर से मामले को लेकर दायर पुनर्विचार याचिका डीजे कोर्ट से भी खारिज हो गई है। इसके बाद पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी का रास्ता और साफ हो गया है। पुलिस ने तेलीबांधा थाने के अपराध क्रमांक 403/2026 में उसे फरार आरोपित घोषित करते हुए 2 अक्टूबर को इनाम उद्घोषणा जारी की थी।
तेलीबांधा थाना क्षेत्र में दर्ज मामले के अनुसार 14 सितंबर को कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा के मोबाइल पर विदेशी नंबर से वाट्सएप के जरिए धमकी भरे संदेश आए थे। आरोप है कि धमकी देने वाले ने गैंग के नाम का इस्तेमाल करते हुए 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रकम नहीं देने पर कुकरेजा और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई थी। मामले की जांच में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कई कड़ियां जोड़ीं।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले जांजगीर-चांपा के एक युवक को पकड़ा था। पूछताछ में सामने आई जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शोएब ढेबर की भूमिका की जांच शुरू हुई। पुलिस ने शोएब को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कब्जे से मामले से संबंधित पांच आईफोन जब्त किए थे।
शोएब को पहले रिमांड कोर्ट में पेश किया गया था। बाद में पुलिस ने नियमित अदालत से उसकी दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
पुलिस की दबिश के दौरान उसके पाम बेलाजियो स्थित ठिकाने, बैरन बाजार स्थित पारिवारिक आवास और अन्य स्थानों पर भी कार्रवाई की गई थी। पुलिस के पहुंचने से पहले उसके वहां से निकल जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश और तेज कर दी।
डीसीपी मध्य क्षेत्र तारकेश्वर पटेल की ओर से जारी इनाम उद्घोषणा में कहा गया है कि तेलीबांधा थाने के अपराध क्रमांक 403/2026 में शोएब ढेबर की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन वह अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। पुलिस के अनुसार वह खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए छिपा हुआ है और उसके स्वतंत्र रूप से घूमने को समाज के लिए खतरा बताया गया है।
शोएब की गिरफ्तारी के लिए की गई दबिश से पहले उसके फरार होने के बाद पुलिस के भीतर से कार्रवाई की सूचना लीक होने की आशंका भी सामने आई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की गई और कुछ आरक्षकों को लाइन अटैच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच के दौरान पुलिस इस मामले को पूर्व महापौर एजाज ढेबर से गैंग के नाम पर मांगी गई 50 करोड़ रुपये की रंगदारी की घटना से जोड़कर भी देख रही है। दोनों मामलों में गैंग के नाम के इस्तेमाल और धमकी के तरीके की समानता की जांच की जा रही है।
शोएब ढेबर के खिलाफ पुनः गिरफ्तारी की अनुमति, उसके बाद फरार होने और अब पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा से मामले में पुलिस का शिकंजा और कस गया है। पुलिस ने साफ किया है कि उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि 25 करोड़ की रंगदारी की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे, धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल और सिम किसने उपलब्ध कराए और रकम की मांग के पीछे वास्तविक नेटवर्क क्या था।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि फरार आरोपित शोएब ढेबर के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी मिलने पर जारी संपर्क नंबरों पर सूचना दें।