जगदलपुर । CRS train ran in Naxalgarh: किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन में किरंदुल रेल सेक्शन अंतर्गत नक्सल प्रभावित काकलूर-कुम्हारसोडरा स्टेशनों के बीच रविवार को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने नई रेललाइन का निरीक्षण किया। रेललाइन दोहरीकरण परियोजना के तहत इन स्टेशनों के बीच दूसरी लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। जिसके निरीक्षण के लिए कमिश्नर रेलवे सेफ्टी पहुंचे थे। उनके साथ वाल्टेयर रेलमंडल के प्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव व मंडल स्तर के कई उच्चाधिकारी भी थे। बस्तर जिले के बास्तानार ब्लाक के काकलूर और दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण ब्लाक के कुम्हारसोडरा के बीच रेललाइन नक्सल प्रभाव की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जाता है। काकलूर में नक्सलियों ने अक्टूबर 2012 में दो बार रेललाइन उखाड़कर मालगाड़ी गिरा चुके हैं। इस स्टेशन के आसपास नक्सलियों द्वारा अब तक आधा दर्जन बड़ी वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है।

इसी तरह कुम्हासोडरा स्टेशन में एक बार नक्सली आगजनी कर चुके हैं। इन घटनाओं के कारण रेलवे किरंदुल रेल सेक्शन में इस क्षेत्र को रेललाइन के नक्शें में अति संवेदनशील क्षेत्र के रूप में शामिल किया है। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी कोलकाता क्षेत्र एके राय सुबह पौने सात बजे स्पेशल ट्रेन से जगदलपुर से काकलूर के लिए रवाना हुए। वहां सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक दोहरी लाइन का निरीक्षण करने के बाद शाम तीन बजे यहां आकर वापस कोरापुट की ओर लौट गए। निरीक्षण के लिए स्पेशल ट्रेन के अलावा मोटर ट्राली का भी उपयोग किया। पहले ट्रेन को कम रफ्तार में दौड़ाकर रेलमार्ग की जांच की गई, इसके बाद तेज रफ्तार में भी ट्रेन दौड़ाई गई। ट्रेन के बाद काकलूर से कुम्हारसोडरा के बीच 14 किलोमीटर तक मोटर ट्राली भी दौड़ाई गई। जिसमें बैठकर अधिकारियों ने निरीक्षण किया।

काकलूर से जैपुर तक रेललाइन का दोहरीकरण पूरा हुआ

साल 2012 में करीब 2200 करोड़ रुपये की लागत से किरंदुल से जगदलपुर 150 किलोमीटर और जगदलपुर से कोरापुट तक 116 किलोमीटर की रेललाइन दोहरीकरण की परियोजना स्वीकृत हुई थी। दंतेवाड़ा और बस्तर जिले में विस्तारित किरंदुल सेक्शन के नक्सल प्रभावित होने के कारण यहां रेललाइन दोहरीकरण की परियोजना का काम धीमी रफ्तार से चल रहा है। कई बार नक्सली रेललाइन दोहरीकरण में लगी मशीनों और वाहनों को आग लगा चुके हैं। इस कारण पिछले सात-आठ सालों में किरंदुल से जगदलपुर के बीच 150 किलोमीटर में से केवल 85 किलोमीटर तक ही रेललाइन का दोहरीकरण किया जा सका है। काकलूर से जैपुर तक 160 किलोमीटर की रेललाइन का दोहरीकरण पूरा हो चुका है।

किरंदुल से जैपुर तक दोहरीकरण की यह है स्थिति

- काकलूर से कुम्हारसोडरा- 14 किलोमीटर, कार्य पूर्ण।

- कुम्हारसोडरा से सिलकझोड़ी 13 किलोमीटर, कार्य पूर्ण।

- सिलकझोड़ी से डिलमिली 14 किलोमीटर, कार्य पूर्ण।

- डिलमिली से जगदलपुर 36 किलोमीटर, कार्य पूर्ण।

- गीदम से दंतेवाड़ा आठ किलोमीटर, कार्य पूर्ण।

- जगदलपुर से जैपुर 65 किलोमीटर, कार्य पूर्ण।

- किरंदुल से दंतेवाड़ा 50 किलोमीटर, कार्य अपूर्ण।

- गीदम से काकलूर 35.5 किलोमीटर, कार्य अपूर्ण।

Posted By: kunal.mishra

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस