
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। साइबर ठग अब बैंक खाते में सेंध लगाने के साथ क्रेडिट कार्ड को भी निशाना बना रहे हैं। नवा रायपुर में साइबर अपराधियों ने पशु चिकित्सा विभाग के एक कर्मचारी के एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 39 मिनट के भीतर पांच बार ट्रांजेक्शन कर 1.96 लाख रुपये पार कर दिए।
पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगी और देखते ही देखते उसके कार्ड से बड़ी रकम निकल गई। पांचों ट्रांजेक्शन अलग-अलग राशि के थे। पुलिस को आशंका है कि क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग कर वारदात को अंजाम दिया गया है।
मामला राखी थाना क्षेत्र के नवा रायपुर सेक्टर-27 का है। यहां रहने वाले पावेश कंवर (28) इंद्रावती भवन स्थित संचालनालय पशु चिकित्सा सेवाएं में सहायक ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत हैं। उनके एसबीआई क्रेडिट कार्ड से 28 अक्टूबर 2026 की शाम 5:20 से 5:59 बजे के बीच लगातार पांच ट्रांजेक्शन हुए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक साइबर अपराधियों ने एक ही बार में पूरी रकम निकालने के बजाय पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए। सबसे पहले शाम 5:20 बजे के आसपास छह हजार रुपये निकाले गए। इसके बाद 41,049 रुपये, 37,309 रुपये, फिर 37,309 रुपये और अंत में 74,619 रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया। इस तरह कुल 1,96,286 रुपये की रकम कार्ड से निकाल ली गई। इनमें सबसे बड़ी रकम 74,619 रुपये की थी। लगातार हो रहे इन भुगतानों से साफ है कि ठगों ने कुछ ही समय में कार्ड की उपलब्ध सीमा का इस्तेमाल कर बड़ी रकम निकालने की कोशिश की। पीड़ित का कहना है कि उसने इन भुगतानों के लिए कोई अनुमति नहीं दी थी और न ही स्वयं कोई ऑनलाइन खरीदारी की थी।
पावेश कंवर को ट्रांजेक्शन के दौरान किसी तरह का मैसेज या OTP की जानकारी नहीं मिली। जब उनके पास लेनदेन से जुड़ी जानकारी पहुंची तब तक पांचों ट्रांजेक्शन पूरे हो चुके थे। उन्होंने तुरंत बैंक और पुलिस को इसकी सूचना दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्रेडिट कार्ड के डेटा का कहीं और इस्तेमाल किया गया है। हो सकता है कि कार्ड की डिटेल किसी फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट या डेटा लीक के जरिए ठगों के हाथ लगी हो।
पीड़ित की शिकायत में चार मोबाइल नंबरों का उल्लेख किया गया है। पुलिस इन नंबरों के उपयोगकर्ताओं, कार्ड से हुए ट्रांजेक्शन और डिजिटल लेनदेन के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि कार्ड का डेटा किस माध्यम से हासिल किया गया और पांचों भुगतानों की रकम किन खातों या भुगतान माध्यमों में पहुंची। साइबर सेल की मदद से ट्रांजेक्शन के IP एड्रेस और मर्चेंट डिटेल भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि क्रेडिट कार्ड की जानकारी, CVV, OTP और लिंक पर क्लिक करने से बचें।