आनंदराम साहू, रायपुर। शहर के युवा कलाकार दर्शन सांखला युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं। कला-साहित्य के जिस मंच पर भी जाते हैं, अपनी खास पहचान बना लेते हैं। सामान्यतः उद्यमियों के सीने में कलाकार का दिल नहीं धड़कता है। इसके विपरित दर्शन न केवल एक सफल उद्यमी हैं, वरन अच्छे कलाकार भी हैं। टीवी सीरियल से उनकी ख्याति बढ़ी। अब वे वेब-शो बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

भिलाई में की पढ़ाई रायपुर में कारोबार

दर्शन बताते हैं कि भिलाई इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद रायपुर में अपना व्यवसाय प्रारंभ किए। बिजनेस की व्यस्तता के बीच उनके अंदर का कलाकार बार-बार आवाज देता रहा। इस बीच व्यवसाय के सिलसिले में अक्सर मुंबई जाना-आना होता रहा। जहां मंच की तलाश दर्शन का कलाकार मन हमेशा करता रहा। इस बीच मुंबई में भजन गाने का अवसर उन्हें मिला। जहां प्राख्यात संगीतकर पद्यश्री रविंद्र जैन से दर्शन की भेंट हुई।

दो सौ से अधिक मंचीय कार्यक्रम

अब तक दो सौ से अधिक मंचीय कार्यक्रमों में प्रस्तुति दे चुके दर्शन ने मुंबई में दूसरे और कलाकारों से जान-पहचान बढ़ाई। एक कवि सम्मेलन के दौरान उनकी भेंट सब टीवी के बहुचर्चित टीवी सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा के तारक मेहता (शैलेष लोढ़ा) से हुई। उनके साथ कवि सम्मेलनों में मंच साझा करने का दर्शन को अनेक अवसर मिला। इस बीच टीवी सीरियल वाह क्या बात है में काम करने का अवसर मिला। निर्माता निर्देशकों से परिचय बढ़ने पर दिशा चैनल के शो काव्यांजलि का संचालन करने का अवसर भी उन्हें मिला।

सावधान इंडिया सीरियल में भी किया काम

दर्शन बताते हैं कि स्टार भारत के सीरियल सावधान इंडिया में भी वे अपनी कलाकारी का प्रदर्शन कर चुके हैं। अपने रोल और बोल से युवाओं के दिल में खासी जगह बना चुके दर्शन की कलाकारी अब वेब शो पर दिखने वाली है। दर्शन अपने मोटिवेशनल स्पीच के लिए भी खास तौर पर पहचाने जाते हैं।

74 सेकंड में मिलाया 100 लोगों से हाथ!

युवा दिलों की धड़कन बनकर उभरे दर्शन न केवल एक अच्छे कलाकार हैं, बल्कि 74 सेकंड में 100 लोगों से हाथ मिलाकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। महज 30 साल की उम्र में अपनी कलाकारी और उद्यमशीलता का लोहा मनवा चुके दर्शन की दिली इच्छा ख्यातिप्राप्त कलाकार बनने की है। वे रायपुर में युवा दिलों की धड़कन बनकर उभरे हैं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं।