रायपुर में प्रतिबंध के बाद भी धड़ल्ले से हो रहा लाल ईंट का निर्माण, आउटर इलाके में सैकड़ों ईंट भट्टे
रायपुर में फ्लाई ऐश ब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ने लाल ईंट का निर्माण होने का आरोप लगाते हुए की थी जांच की मांग।
By Kadir Khan
Edited By: Kadir Khan
Publish Date: Sun, 10 Apr 2022 02:57:29 PM (IST)
Updated Date: Sun, 10 Apr 2022 02:57:29 PM (IST)

रायपुर। पर्यावरण की दृष्टि से लाल ईंट का निर्माण चार साल से प्रतिबंधित है लेकिन शहर समेत आउटर के इलाके में ईंट भट्ठों में लाल ईंट का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है। पिछले दिनों फ्लाई ऐश ब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ने खनिज विभाग की मिलीभगत से लाल ईंट का निर्माण होने का आरोप लगाते हुए अफसरों से जांच कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
फ्लाई ऐश ब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन लगातार आउटर इलाके में लाल ईंट निर्माण करने वाले ईंटभट्टों को बंद करने की मांग करता आ रहा है लेकिन खनिज विभाग इसकी अनदेखी कर रहा है।शहर से लगे डूंडा, बोरियाखुर्द, सरोना,सेजबहार,कांदूल,देवपुरी,माना बस्ती, टेमरी,जोरा, सेरीखेड़ी, मंदिर हसौद, नवा रायपुर इलाके में सौ से अधिक की संख्या में ईंट भट्टे संचालित हो रहे है। इनमेंं से अधिकांश भट्ठों में लाल ईंट का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा है। जबकि चार साल से लाल ईंट के निर्माण के लिए लाइसेंस रिन्यूअल या नया लाइसेंस बनवाने पर पूर्णत: रोक लगी हुई है। लाल ईंट भट्ठों के लाइसेंस रद हो चुके हैं। बावजूद इसके खनिज विभाग की ओर से इसकी अनदेखी कर केवल लाल ईंट बनाने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है।
फ्लाई ऐश ब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के लोकेश शर्मा ने बताया कि शहर के अलावा आसपास के इलाके में सौ से अधिक ऐसे ईंट भट्ठे अवैध रूप से संचालित किए जा रहे है। एसोसिएशन के सदस्य लगातार अवैध रूप से बन रहे लाल ईंट को प्रतिबंधित करने की मांग करते आ रहे है लेकिन जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है।लिहाजा सदस्यों ने फैसला लिया है कि यदि लाल ईंटों के अवैध निर्माण पर रोक के लिए खनिज विभाग या जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है,तो फ्लाई ऐश ब्रिक्स एसोसिएशन एक समिति का निर्माण कर अवैध रूप से संचालित लाल ईंट के भट्टों को बंद करवाने की खुद ही निकलेगी। एसोसिएशन के सदस्यों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर राज्य शासन पावर प्लाट को राख देने के लिए बाध्य नहीं करता है तो फ्लाई ऐश ब्रिक्स एसोसिएशन की ओर से अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जाएगी।
आज लगभग छह वर्षों से फ्लाई ऐश ईट बनाने वाले उद्योगपतियों ने अपनी दरों में कोई संशोधन नहीं किया था।वर्तमान स्थिति में ट्रांसपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि फ्लाई ऐश से लेकर सारे मटेरियल की दरों में इजाफा हुआ है। इसको देखते हुए छत्तीसगढ़ अप्लाई एस ब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ने भी अपने ईटों की दरों में संशोधन किया है। खनिज विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द लाल ईंट का निर्माण करने वालों पर सख्ती बरते अन्यथा वे खुद सड़क पर उतरकर अवैध रूप से चल रहे ईंटभट्ठों को बंद करायेंगे।