रायपुर समेत छह शहरों में जर्जर सरकारी जमीनों पर बनेगी आधुनिक सुविधाओं वाली मिनी स्मार्ट सिटी
छत्तीसगढ़ सरकार री-डेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में रायपुर सहित छह शहरों में 10 नए प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इसके तहत जर्जर और पुराने सरकारी परिसरों की जगह पीपीपी मॉडल पर आधुनिक आवास, शॉपिंग मॉल, होटल और मल्टीलेवल पार्किंग से लैस 'मिनी स्मार्ट सिटी' बनाई जाएगी। प्रदेश में अब तक 32 स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं।
By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Wed, 17 Jun 2026 11:04:06 AM (IST)Updated Date: Wed, 17 Jun 2026 11:04:06 AM (IST)
बीटीआई का प्रस्तावित प्रोजेक्ट क्षेत्र। नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में अब पुराने और जर्जर शासकीय परिसरों की जगह आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘मिनी स्मार्ट सिटी’ विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार की री-डेवलपमेंट योजना के दूसरे चरण में रायपुर सहित छह प्रमुख शहरों में 10 नए प्रोजेक्ट लाने की तैयारी है। इन परियोजनाओं के जरिये लोगों को आधुनिक आवास, मल्टीलेवल पार्किंग, शापिंग माल, होटल, व्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी।
बीटीआई रोड, शांतिनगर का कायाकल्प होगा
रायपुर में बीटीआइ रोड, शांतिनगर, सिंचाई कालोनी, मंत्री बंगला क्षेत्र और गुढ़ियारी जैसे प्रमुख इलाकों का कायाकल्प प्रस्तावित है। सरकार का मानना है कि पुराने शासकीय परिसरों के बेहतर उपयोग से शहर की सुंदरता बढ़ेगी, निवेश आएगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। पीपीपी माडल पर विकसित होने वाली इन परियोजनाओं को राजधानी के भविष्य के आधुनिक शहरी माडल के रूप में देखा जा रहा है।
बीटीआइ और शांतिनगर में बनेंगे आधुनिक काम्प्लेक्स
राजधानी के बीटीआइ रोड और शांतिनगर क्षेत्र को री-डेवलपमेंट योजना में प्रमुखता दी गई है। यहां आधुनिक व्यावसायिक परिसर, आवासीय टावर, पार्किंग जोन और नागरिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक इन परियोजनाओं से क्षेत्र में ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा और लोगों को व्यवस्थित पार्किंग तथा बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी। पुराने सरकारी भवनों और अनुपयोगी परिसरों का उपयोग नए तरीके से किए जाने से शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी। शासन इसे राजधानी के आधुनिक शहरी माडल के रूप में विकसित करना चाहता है।
माल, होटल और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे
री-डेवलपमेंट फेस-2 के तहत कई स्थानों पर फाइव स्टार होटल, माल, आइकानिक बिल्डिंग और मिश्रित उपयोग वाले काम्प्लेक्स विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इससे न केवल लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण कार्यों और व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि निजी निवेश आने से शहरों में अधोसंरचना का तेजी से विस्तार होगा और लोगों को बेहतर जीवनशैली से जुड़ी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकेंगी।
32 स्थान चिन्हित, आठ और नए प्रोजेक्ट की तैयारी
प्रदेशभर में अब तक 32 स्थानों को री-डेवलपमेंट के लिए चिन्हित किया जा चुका है। पहले चरण में सात परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि दूसरे चरण में 10 नए प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में और भी नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने हाल ही में अधिकारियों को आठ और नई परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शासन का उद्देश्य अनुपयोगी शासकीय जमीनों का बेहतर उपयोग कर शहरों को आधुनिक और नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाना है।
फैक्ट फाइल
री-डेवलपमेंट फेस-2 में 10 नए प्रोजेक्ट प्रस्तावित
रायपुर सहित 6 प्रमुख शहरों में होंगे प्रोजेक्ट
प्रदेशभर में 32 स्थान री-डेवलपमेंट के लिए चिन्हित
पहले चरण में 7 परियोजनाओं को मिल चुकी मंजूरी