
रायपुर। शहर में डेंगू से एक बच्चे की मौत की पुष्टि पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्ट कर रही है। इसके बावजूद जिला स्वास्थ्य अधिकारी इसे डेंगू से मौत करार नहीं दे रहे हैं। कहा जा रहा है कि डेंगू एजी-एनएस-1 को भारत सरकार डेंगू पॉजिटिव नहीं मानती है, इसलिए मृतक केशव के ब्लड सैंपल की दोबारा जांच करवाई जा रही है। निजी अस्पताल में शुक्रवार को केशव की मौत के पहले उसका ब्लड सैंपल लिया गया था, जिसे शनिवार को जांच के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल भिजवाया गया है, जबकि निजी अस्पताल के डॉक्टर केशव की मौत डेंगू से होना ही बता रहे हैं।
शुक्रवार की शाम शंकर नगर, गांधी नगर निवासी 7 साल की केशव की डेंगू से मौत की खबर 'नईदुनिया' ने जिला मलेरिया अधिकारी और जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को रात 10.30 बजे दी थी। सूचना के बाद शनिवार को जिला मलेरिया अधिकारी मौके का मुआयना करने पहुंचे, लेकिन कैंप लगाकर क्षेत्रीय लोगों के ब्लड सैंपल लेकर जांच नहीं की गई, जबकि यह पहली प्राथमिकता है, कम से मृतक के परिवार के ब्लड सैंपल लेना ही चाहिए थे।
उल्टा अधिकारी यह कह रहे हैं कि निचली बस्ती है, लोगों का रहन-सहन अच्छा नहीं है। हद तब यह है कि अधिकारी अंबेडकर अस्पताल से सोमवार को मिलने वाली ब्लड रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और कहा जा रहा है कि सोमवार को कैंप लगाएंगे। इसकी वजह शनिवार को छुट्टी-जैसा माहौल और रविवार को छुट्टी। अब अगर इस दौरान क्षेत्र में किसी और को डेंगू अपना शिकार बनाता है तो इसका जवाबदार कौन होगा?
साफ-सफाई दिखावे की-
शनिवार को 'नईदुनिया' टीम दोबारा गांधीनगर पहुंची। यहां नगर निगम के तीन सफाई कर्मचारी सफाई कर रहे थे। सफाई के नाम पर खानापूर्ति से ज्यादा कुछ नहीं था। न नालियां साफ की गईं, न ही जगह-जगह गड्ढों में भरा पानी निकाला गया। जिस तांड़ी परिवार में मौत हुई, उस घर के आंगन में नाली का पानी भरा हुआ है। पूरे मौहल्ले में पसरी गंदगी से लोगों का जीना-दूभर हो गया है। यहां कई लोगों को बुखार की शिकायत भी है।
लोगों की शिकायत-
पार्षद कभी झांकने तक नहीं आते। केशव की मौत के बाद पहुंचे तो बाहर-बाहर से चल गए। गलियों में घुसकर देखें कि सफाई व्यवस्था कैसी है? दिनभर मच्छरों से परेशान हैं।
-लता सोना, निवासी, गांधीनगर
साफ-सफाई रहे तो घर के बाहर बैठ भी सकें, लेकिन स्थिति यह है कि कोई घर से बाहर निकल तक नहीं सकता है। सफाई कर्मचारी आए, आपने देखा न कि कैसे कुछ किया नहीं और चले गए।
-श्यामवती हरपाल, निवासी, गांधीनगर
जांच करवा रहे हैं
मैं गया था। माहौल गमगीन था, इसलिए शनिवार को कैंप लगाकर जांच नहीं कर पाए। सोमवार को कैंप लगाया जाएगा। केशव का ब्लड जो बाल-गोपाल अस्पताल में लिया गया था, उसे डेंगू था कि नहीं, पुख्ता करने के लिए डॉ. अंबेडकर अस्पताल में जांच करवाई जा रही है।
-डॉ. अश्वनी देवांगन, जिला मलेरिया अधिकारी, रायपुर