
रायपुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बचकाना बयान एसी कूलर बंद करके ही हसदेव अरण्य का विरोध करनेवाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि जीवन के लिए जल और आक्सीजन की जरुरत पडती है। हसदेव अरण्य के सैकड़ों हज़ारो साल के जंगलों को कटवाकर मुख्यमंत्री मध्य भारत का पर्यावरण ही खतरे में डाल रहे है और हम सभी का और आने वाली पीढ़ी का जीवन भी खतरे में डाल रहें हैं!
कोमल हुपेंडी ने कहा कि कल का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान "हसदेव अरण्य में पेड़ काटे जाने पर कुछ लोग सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। कोयला चाहिए तो खदान चलानी पड़ेगी। इस साल यहां 8 हजार पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन कुछ लोग 8 लाख पेड़ कटने का हल्ला कर रहे हैं। जो लोग विरोध कर रहे हैं वे पहले अपने घर की बिजली बंद कर दें । एसी, कूलर, पंखा, फ्रीज सब बंद करें और फिर मैदान में आकर लड़ें" हास्यास्पद है।
मुख्यमंत्री जी शायद भूल गये हैं कि एसी कूलर पंखा के बिना रहा जा सकता है पर जल और वायु के बिना नहीं। आज भी गांव और शहरों बहुत से लोग ए सी कूलर के बिना रह रहे हैं! और गांव के लोगों और आदिवासियों ने एसी कूलर का उपयोग तो जीवन में कभी किया ही नहीं होगा। भूपेश जी शहरों में पेड़ों की छाँव के लिए लोग तरस जाते हैं और आप लाखों पेड़ों को कटवाने पर अड़े हुए हैं?
क्या छत्तीसगढ़ में कोयला सिर्फ हसदेव में ही है अन्यत्र भी उपलब्ध है यहां आसान है इसलिए आप अपने मित्र को लाभ पहुंचाने उनकी गोदी में ही जा बैठे। बहुत से इलाके है जहा कोयला है वहा से खनन करवाए इस क्षेत्र को जैसा है वैसा ही रहने दे ये हमारी चेतावनी समझे।
पेड़ों के कटने से जल स्तर होगा कम
पेड़ों के कटने से आक्सीजन की कमी होगी जल स्तर कम होगा, गर्मी बढ़ेगी। निश्चित ही पर्यावरण असंतुलन बढेगा। वन्य जीवों का जीवन संकट बढेगा। हसदेव अरण्य के जंगलों पर अभी भी वहां के आदिवासियों कि रोजी रोटी चलती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अभी भी समय है हसदेव में पेड़ों की कटाई बंद करवाइये वर्ना प्रकृति आपको कभी माफ़ नहीं करेगी।