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इकलौटे बेटे को खोजते रहे बूढ़े मां-बाप, पुलिस ने बिना पहचान कराए दफना दी लाश; 5 महीने बाद मिला कंकाल

रायपुर में एक बुजुर्ग दंपती पिछले 5 महीने से अपने गुमशुदा इकलौटे इंजीनियर बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहा था। इधर पुलिस ने 5 महीने पहले ही बिना पहचान क...और पढ़ें

By Deepak ShuklaEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Wed, 05 Nov 2025 09:59:08 AM (IST)Updated Date: Wed, 05 Nov 2025 10:19:30 AM (IST)
इकलौटे बेटे को खोजते रहे बूढ़े मां-बाप, पुलिस ने बिना पहचान कराए दफना दी लाश; 5 महीने बाद मिला कंकाल
कब्रिस्तान में पुलिस की टीम शव को निाकलने पहुंची

HighLights

  1. पुलिस को मृणाल का शव दो जून को टाटीबंध के पास मिला
  2. लाश की पहचान कराए बिना पुलिस ने कब्रिस्तान में दफनाया
  3. कंकाल देखकर मां-बाप की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राजधानी में पुलिस की लापरवाही का मामला सामने आया है। अपने इकलौते बेटे की तलाश में महीनों तक थानों और दफ्तरों के चक्कर लगाने वाले बुजुर्ग माता-पिता को आखिरकार अपने बेटे की लाश नहीं, बल्कि कंकाल मिला। यह दर्दनाक घटना न्यू शांति नगर निवासी इंजीनियर मृणाल राय (43) से जुड़ी है, जो एक जून को लापता हो गए थे।

मृणाल राय के पिता मनोज राय चौधरी, जो भिलाई स्टील प्लांट से सेवानिवृत्त मैनेजर हैं और उनकी मां ने बेटे के लापता होने के बाद दो जून को सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद एक सप्ताह तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। बेटे की खोज में निराश होकर बुजुर्ग माता-पिता एसएसपी कार्यालय पहुंचे, जहां से मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया।


लेकिन क्राइम ब्रांच की टीम ने भी सिर्फ जांच जारी है कहकर उन्हें थानों और अस्पतालों के चक्कर लगवाते रहे। मृणाल की मां ने बताया कि हम बेटे की फोटो लेकर रायपुर से सिमगा तक हर थाना, हर अस्पताल घूमे। लेकिन किसी ने यह नहीं बताया कि हमारे बेटे की लाश तो अगले ही दिन टाटीबंध के पास मिली थी।

पुलिस ने की जल्दबाजी में दफनाया, नहीं कराई पहचान

जानकारी के अनुसार, मृणाल का शव दो जून को आमानका थाना क्षेत्र के टाटीबंध के पास मिला था। पर पुलिस ने लाश की पहचान कराने की बजाय बिना सूचना दिए उसे जोरा कब्रिस्तान में दफना दिया। इससे भी हैरानी की बात यह कि पुलिस ने इस मामले को सामान्य अज्ञात शव मानते हुए अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ ली। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस ने समय रहते शव की पहचान की कोशिश की होती, तो वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार खुद कर पाते।

एक माह पहले मिला था धमकी भरा फोन

मृणाल की मां के अनुसार, बेटे के गुम होने से करीब एक माह पहले अंबिकापुर से एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा था कि तेरे बेटे की हत्या कर दूंगा। इस धमकी की जानकारी मृणाल ने घरवालों को दी थी, लेकिन उस समय इसे किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।

कब्रिस्तान में कंकाल देखकर फूट-फूटकर रोए माता-पिता

कई महीनों की अपील और शिकायतों के बाद पुलिस ने आखिरकार मृणाल के परिजनों को बताया कि उनके बेटे की लाश पहले ही दफना दी गई थी। बुजुर्ग मां-बाप को मंगलवार की सुबह 10 बजे जोरा कब्रिस्तान बुलाया गया ताकि वे बेटे का कंकाल पहचान सकें। भूखे-प्यासे बुजुर्ग माता-पिता दोपहर तीन बजे तक इंतजार करते रहे।

एसडीएम के पहुंचने के बाद कब्र की खुदाई की गई, जहां से मृणाल का कंकाल बरामद हुआ। कब्र से निकले कपड़ों से मृणाल की मां ने उसकी पहचान की। इस क्षण ने वहां मौजूद सभी को झकझोर दिया मां-बाप की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे।