यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Elephants Issue In Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में हाथियों के लिए नहीं हुई धान की खरीदी, वन मंत्री आरोपों को किया खारिज
Elephants Issue In Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि खाद्य विभाग से वन विभाग के बीच हुआ ट्रांसफर।
By Kadir KhanEdited By: Kadir Khan
Publish Date: Thu, 05 Aug 2021 09:50:00 AM (IST)Updated Date: Thu, 05 Aug 2021 09:50:28 AM (IST)

रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो, Elephants Issue In Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में हाथियों के लिए धान खरीदी को लेकर भाजपा के आरोप पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया है। वन मंत्री अकबर ने स्पष्ट किया है कि हाथियों के लिए धान की राज्य में कोई खरीदी नहीं की जा रही है। धान खरीदी वास्तव में खाद्य विभाग से वन विभाग के बीच ट्रांसफर का मामला है। वन मंत्री अकबर अपने निवास कार्यालय में बुधवार को पत्रकार वार्ता में कहा की हाथियों के लिए खाद्य विभाग से सड़ा हुआ धान नहीं लिया गया है। उन्होंने भाजपा के आरोप को खारिज कर दिया।
कहा कि हाथियों द्वारा ग्रामीण इलाकों में लोगों के मकान और फसल को नुकसान ना पहुंचाया जाए इसलिए होने वाले क्षति को ध्यान में रखते हुए हाथियों के लिए सूरजपुर, धरमजयगढ़, बालोद वनमंडल में अलग-अलग स्थानों पर खुले में धान रखा गया था। इसमें से सूरजपुर वनमंडल में तीन स्थानों पर हाथी ने धान खाया है। छत्तीसगढ़ के वन मंतीर मोहम्मद अकबर ने जानकारी देते हुए आगे कहा की इस समय 16 हाथियों का दल, जिसमें 307 हाथी शामिल है। हाथी राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। हाथियों ने अगर एक बार धान को खाना शुरू कर दिया तो आम लोगों के मकान और खेतों में लगी फसल को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। अगर इन हाथियों को धान खाने की आदत पड़ गई तो सरकार इतनी सक्षम है कि आने वाले सालों में भी धान की व्यवस्था कर सकती है।
रेडियो कालर से रुकेगा हाथी-मानव द्वंद्व
अकबर ने बताया कि अब तक नौ हाथियों की रेडियो कालरिंग की गई है। हाथी मानव द्वंद्व रोकने हाथियों के आगमन की पूर्व सूचना गांवों में वायरलेंस, मोबाइल एवं माइक से मुनादी कर प्रसारित करना एवं ग्रामीणों को हाथियों के साथ साहचर्य बनाने समझाइश दी जा रही है। प्रभावित ग्रामीणों को समय-समय पर मुआवजा भुगतान किया गया है। बहुद्देश्यीय गजराज वाहन के उपयोग से प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाई जा रही है। गांव में हाथी मित्र का गठन भी किया गया है।