सीजीपीएससी घोटाला: ईडी ने सोनवानी समेत तीन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, पसंद के उम्मीदवारों के चयन का आरोप
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष अदालत में पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष च...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 08:32:17 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 08:35:13 PM (IST)
सीजीपीएससी घोटाले की प्रतीकात्मक तस्वीर। - अर्काइवHighLights
- सीजीपीएससी घोटाला मामले में आरोप पत्र दाखिल
- टामन सिंह सोनवानी और अन्य नाम शामिल
- पैसे लेकर पसंदीदा उम्मीदवारों के चयन का आरोप
राज्य ब्यूरो,नईदुनिया,रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी मामले में मंगलवार को विशेष कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया। आरोप पत्र में पैसे लेकर पसंद के उम्मीदवारों का चयन करने की बात कही है। आरोप पत्र पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी,उत्कर्ष चंद्राकर और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन ओएसडी चेतन बोरघरिया के खिलाफ है।
कोर्ट में 99 पेज की समरी और करीब 3700 पेज के सपोर्टिंग दस्तावेज भी दाखिल किए गए हैं। मामला मूल रूप से ईओडब्ल्यू की एफआईआर से जुड़ा है,जिसकी जांच बाद में सीबीआई ने संभाली थी।
सोनवानी ने मिलकर साजिश रची
ईडी के आरोप पत्र के अनुसार, तत्कालीन चेयरमैन रहते सोनवानी ने कुछ सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों के साथ मिलकर परीक्षा में कथित हेरफेर और चयन प्रभावित करने की साजिश रची। अभ्यर्थियों और उनके अविभावकों से रकम लेकर पसंदीदा उम्मीदवारों को डिप्टी कलेक्टर,डीएसपी समेत अन्य पदों पर चयन दिलाने का प्रयास किया गया। हालांकि ये आरोप हैं और इनका अंतिम निर्धारण अदालत में होना है।
भर्ती नियम में बदलाव भी जांच के घेरे में
जांच एजेंसी ने 2021 में भर्ती नियमों में हुए बदलाव को भी अपनी जांच का हिस्सा बनाया है। ईडी के अनुसार, परिवार की परिभाषा में शामिल भतीजा शब्द हटाया गया, जिससे कुछ रिश्तेदारों के चयन का रास्ता आसान होने का आरोप है।
मनी ट्रेल में मिले लेन-देन का भी उल्लेख
मनी ट्रेल की जांच में भी ईडी ने कई लेन-देन का उल्लेख किया है। एजेंसी पहले ही दावा कर चुकी है कि उत्कर्ष, अनिल और डा.विकास चंद्राकर ने 2021 परीक्षा के अभ्यर्थियों से तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई थी। ईडी ने टामन सोनवानी को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया था।
दोनों जेल में हैं बंद
कोचिंग संचालक उत्कर्ष चंद्राकर और बलरामपुर-रामानुजगंज के पूर्व अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया न्यायिक हिरासत में रायपुर जेल में बंद हैं। बोरघरिया को ईडी ने 11 सितंबर को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के मुताबिक उनके बैंक खाते में संबंधित अवधि में 170 लेन-देन के जरिए 66.64 लाख रुपये नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। अब चार्जशीट के साथ दाखिल दस्तावेजों में सामने आए साक्ष्यों और मनी ट्रेल के आधार पर अदालत में आगे की सुनवाई होगी।