सब हेड- नईदुनिया ई- रास उल्लास गरबा उत्सव में जूम एप और फेसबुक के माध्यम से जुड़कर प्रतिभागियों ने किया गरबा
(फोटो-25 आइएनडी 07)
रायपुर। (नईदुनिया प्रतिनिधि)।
नईदुनिया ई- रास उल्लास गरबा उत्सव में लाइव आर्केस्ट्रा पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत देश के अन्य राज्यों और बाहर के देशों के प्रतिभागी और दर्शक झूम उठे। रविवार को परिवार के सदस्यों ने पारंपरिक परिधानों में घर पर रहते हुए गरबा किया। जूम एप से प्रतिभागी जुड़े और इसका लाइव प्रसारण नईदुनिया नायिका क्लब फेसबुक पेज पर किया गया। गुजराती, राजस्थानी और निमाड़ के लोक गीतों की प्रस्तुति देकर कलाकारों ने प्रतिभागियों के साथ ही दर्शकों को भी गरबा करने के लिए उत्साहित किया।
एक दिवसीय नईदुनिया ई- रास उल्लास गरबा उत्सव चार राउंड में कराया गया। शुरुआत गणेश वंदना से हुई। पहले राउंड में प्रथम सिमरू सरस्वती ने गणपति लागू पांव, मंगल दिवड़ा नी मंगल ज्योति, आसमानी रंग नी चुनरी रे, अंबा जी हिंचके झूले रे, ढोलिड़ा तू एवो कोई ताल, मारो सोनानो घडुल्यो रे, केसरियो रंग तने लाग्यो। इसके बाद छंद कोई ताने अंबा कहे कोई जगदंबा गाने पर गरबे की प्रस्तुति हुई। आर्केस्ट्रा में प्रसिद्घ आर्टिस्ट पवन भाटिया, दीपेश जैन और सोनाली पुराणिक ने एक के बाद एक करीब 33 प्रस्तुतियां दी। गरबा प्रशिक्षक शुभम सोनी, अमन चौहान, पंखुड़ी भूतड़ा और देवांशी राठौर ने भी लाइव गरबा किया।
'काका बाबा ना पोरिया...' पर झूम उठे प्रतिभागी
दूसरे राउंड में कृष्ण रास गरबा में नेहनि तरती आखड़ी, तारा बिना श्याम म्हने, खंबा मारा नंदजी ना लाल, चूड़ी लेलो, जाग रे मान जाग, माथे मटुकड़ी और मुंबैया पैटर्न में पेठलपुर मां पावो वाग्यो, नहीं मेलू रे गीत पर गरबा किया गया। डाकला गरबा में डम्मर वाज्ञा ने मां ना, मुंबई ति गाड़ी की प्रस्तुति हुई। इसके बाद फास्ट गीतों पर गरबा कराया गया। तीसरे राउंड में हिंच, रजवाड़ी और राजस्थानी कालबेलिया की प्रस्तुति दी गई। चौथे राउंड में निमाड़ी और आदिवासी गरबे में प्रसिद्घ गाना काका बाबा ना पोरिया जैसे लोक गीत प्रस्तुत किए गए जिन्हें दर्शकों ने काफी पसंद किया। आयोजन के सहयोगी पुष्प ब्रांड, रायल रतन (सच्चा मोती), राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्ड, इठलाती साड़ी, पटरानी साड़ी, लीलास साड़ी, मिलेनियम इंफ्रा और आलाप स्टूडियो थे। ट्रेनिंग पार्टनर द वर्ल्ड ऑफ फिटनेस था।