• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Weather News: मानसून की बेरुखी से किसान परेशान, खेतों में पड़ने लगी दरारें

बारिश नहीं होने के कारण खेतों में पड़ने लगी दरारें। रायपुर जिले में सबसे ज्यादा आरंग क्षेत्र प्रभावित। किसानों की मांग- बांध से छोड़ें पानी।

By Shashank.bajpaiEdited By: Shashank.bajpai
Publish Date: Thu, 12 Aug 2021 09:08:00 AM (IST)Updated Date: Thu, 12 Aug 2021 09:08:00 AM (IST)
Weather News: मानसून की बेरुखी से किसान परेशान, खेतों में पड़ने लगी दरारें

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सावन मास में प्रदेश के सभी जिलों में खेती किसानी के हिसाब से बारिश होने के कारण किसानों को चिंता में डाल दिया है। कम बारिश से राजधानी के आसपास धान के खेतों में दरारें पड़ गई हैं।

रायपुर जिले में अभी आरंग क्षेत्र में कम बारिश होने की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित है। दूसरी और बारिश नहीं होने के कारण खेतों में रोपाई कार्य रुक गया है।

किसानों का कहना है कि रोपाई नहीं होने के कारण नर्स में तैयार धान के पौधे बड़े हो गए। ऐसे में पौधे गलाने की कगार पर हैं। दूसरी ओर किसानों ने धान की फसल को बचाने के लिए मुख्यमंत्री, सिंचाई मंत्री, कृषि मंत्री से मुलाकात करके पंडित रविशंकर जलाशय (गंगरेल) से पानी छोड़ने की मांग कर चुके हैं। वहीं, किसानों के मुताबिक अभी तक शासन-प्रशासन इस दिशा में कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।


किसानों का कहना है कि यदि पानी इस हालत में बांधों से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। ऐसे में शुरुआती ही दौर में किसानों का नुकसान उठना पड़ेगा। किसानों ने बताया कि प्रशासन का कहना है कि अभी बांध भरा नहीं है। ऐसे में धान के पकाने के वक्त ही सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा सकता है।

किसान खेतों में छोड़ रहे मवेशियों को

आरंग के किसान नेता परसनाथ साहू ने बताया कि बांध से पानी छोड़ने के लिए मुख्यमंत्री समेत कृषि मंत्री को ज्ञापन सौंप चुके है। अभी पानी की सख्त जरूरत है। ऐसे में इस संबंध में शासन को जल्द ही विचार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कई गांव के किसान अभी हार मान चुके है। वे मजबूरी में खेत में पशुओं को छोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि बाद में पानी दिया जाएगा तो कोई महत्व नहीं होगा। वहीं, इस दिशा में 13 अगस्त को नवा रायपुर के पास बिरबिरा गांव में 20 गांव के किसान इकट्ठा होगा। इसके लिए बाद रणनीति बनाकर शासन को फिर से अवगत कराएंगे।

रायपुर जिले के जानकारी, कृषि विभाग से

5:29 मिलीलीटर अभी तारीख में बारिश।

5:75 मिलीलीटर 2020 में बारिश अभी की स्थिति।

95 फीसद सभी फसल की बोआई।

56,570 क्विंटल बीज बांटने का लक्ष्य था।

56,565 बीज का वितरण।

67 हजार मिट्रिक टन खाद का लक्ष्य था।

61 हजार मिट्रिक टन खाद का भंडारण हो चुका है।

92 फीसद सभी खाद का भंडारण

82 फीसद वितरण

वर्जन

रायपुर जिले में खाद, बीज की कोई कमी नहीं है। बारिश कम होने के कारण गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बैठक रखी गई है। इसमें सिंचाई विभाग भी शामिल होगा। अभी किसानों को ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। विभाग जल्द ही कुछ निर्णय लेगा।

- आरके कश्यप, उप संचालक, कृषि