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रायपुर में धान खरीदी घोटाला, 104 बोरी को दिखाया 850, समिति प्रभारी ने सरकार को लगाया 7 लाख का चूना, FIR दर्ज

जिला रायपुर के उरला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुम्हारी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में धान खरीदी के दौरान बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। समि...और पढ़ें

By Akash PandeyEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Mon, 02 Feb 2026 08:14:18 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Feb 2026 08:14:18 AM (IST)
रायपुर में धान खरीदी घोटाला, 104 बोरी को दिखाया 850, समिति प्रभारी ने सरकार को लगाया 7 लाख का चूना, FIR दर्ज
रायपुर में धान खरीदी घोटाला

नईदुनिया प्रतिनिधि,रायपुर। जिला रायपुर के उरला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुम्हारी स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में धान खरीदी के दौरान बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। समिति प्रभारी पर 850 बोरी धान की फर्जी एंट्री कर करीब सात लाख छह हजार 909 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में उरला थाने में आरोपित समिति प्रभारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित कुम्हारी (पंजीयन क्रमांक 1383) में जनवरी 2025 से पदस्थ प्राधिकृत अधिकारी जागेश्वर प्रसाद वर्मा ने उरला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि समिति में ग्राम कुम्हारी, चिखली, पठारीडीह और कन्हेरा के किसानों से धान खरीदी की जाती है।


धान खरीदी के दौरान बोरी की गिनती, पावती बनाना और रजिस्टर में एंट्री करने की जिम्मेदारी समिति प्रभारी कृष्णा साहू की थी, जबकि कंप्यूटर आपरेटर आनलाइन एंट्री कर किसानों के खातों में भुगतान करता है।

नोडल अधिकारी की सूचना से खुलासा

20 जनवरी 2026 को कंप्यूटर आपरेटर और शासन से नियुक्त नोडल अधिकारी श्रृंखला शर्मा (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी) ने लिखित सूचना दी कि समिति में 746 बोरी धान की हेराफेरी की गई है। इसके बाद 30 जनवरी 2026 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक धरसींवा के प्रबंधक एवं विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में समिति के दस्तावेजों की जांच की गई।

जांच के दौरान धान खरीदी पंजी, कैश बुक, हमाली पंजी, टोकन पर्ची और तौल पत्रक का मिलान किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

104 की जगह 850 बोरी की एंट्री

जांच में पाया गया कि किसान आलोक शर्मा केवल 104 बोरी धान (28 बोरी मोटा धान और 76 बोरी सरना धान) बिक्री के लिए लाया था, लेकिन समिति प्रभारी ने तौल पत्रक और रिकार्ड में 850 बोरी धान की एंट्री कर दी। इस फर्जी एंट्री के आधार पर किसान के खाते में 7,06,909.60 रुपये का भुगतान आनलाइन ट्रांसफर कर दिया गया।

इससे समिति को 850 बोरी धान और सात लाख से अधिक की आर्थिक क्षति हुई।

किसान और कर्मचारियों के बयान

किसान आलोक शर्मा ने लिखित बयान में कहा कि उसने केवल 104 बोरी धान ही बेचा था और यदि खाते में अतिरिक्त राशि आई है तो वह राशि लौटाने को तैयार है। समिति में कार्यरत कर्मचारियों और हमालों के बयान भी हेराफेरी की पुष्टि करते हैं।

समिति प्रभारी ने स्वीकार की गलती

पूछताछ के दौरान आरोपित समिति प्रभारी कृष्णा साहू ने बयान में स्वीकार किया कि उससे 104 की जगह 850 बोरी की पावती दर्ज हो गई।

इन धाराओं में मामला दर्ज

उरला थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318 (4), 337, 338, 339 और 340 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले की जांच उप निरीक्षक रामनाथ चंद्रवंशी को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, धान खरीदी प्रक्रिया में शामिल अन्य कर्मचारियों और बैंक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

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