
रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। RTE: शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) के तहत आखिरकार स्कूल शिक्षा विभाग ने गरीब और वंचित वर्ग के अभिभावकों के बच्चों के दाखिले के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। रायपुर में करीब 8000 निजी स्कूलों की सीटों के लिए 10,503 आवेदन आए थे। इनमें से पहले चरण में लॉटरी निकालने पर 4,460 बच्चों को दाखिले के लिए चयनित किया गया है। इन बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।
बाकी बच्चों के लिए अगले चरण की लॉटरी में आवेदनों पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि आरटीई के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को राज्य सरकार निशुल्क शिक्षा प्रदान करती है। प्राइमरी यानी पहली से लेकर पांचवी तक के बच्चों के लिए प्रति बच्चे की शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में 7000 रुपये और अपर प्राइमरी यानी छठवीं से लेकर आठवीं तक के बच्चों के प्रति बच्चे के शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में 11000 रुपये वहन करती है।
जिला शिक्षा अधिकारी ए एन बंजारा ने बताया कि बच्चों को दाखिले के लिए पहले से सीट आवंटित कर दी गई है। रायपुर में 886 निजी स्कूलों में 25 फीसद सीटों पर आरटीई के तहत दाखिला दिया जा रहा है। इसमें पात्र अभिभावकों के बच्चों को दाखिले के लिए अनुशंसा की गई।
गौरतलब है कि स्कूल शिक्षा विभाग के विभाग के शेड्यूल के हिसाब से नौ से 15 अगस्त तक बच्चों का स्कूलाें में दाखिला कराया जाना था, लेकिन अभी तक बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन कार्य ही नहीं हो पाया है। इसकी वजह से कई इलाकों में अभी तक बच्चों का दाखिला नहीं हो पाया है और ना ही लॉटरी की प्रक्रिया हो पाई है।