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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CG News: ई-केवाईसी में खुली पोल, डुप्लीकेट आधार से बना राशनकार्ड, अब होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड सत्यापन के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। खाद्य विभाग सत्यापन के दौरान पाया है कि प्रदेश में फर्जी आधार कार्ड बनाकर उनस...और पढ़ें

By Roman TiwariEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Fri, 11 Jul 2025 09:11:08 AM (IST)Updated Date: Fri, 11 Jul 2025 09:38:31 AM (IST)
CG News: ई-केवाईसी में खुली पोल, डुप्लीकेट आधार से बना राशनकार्ड, अब होगी कार्रवाई
रायपुर में सबसे ज्यादा फर्जी आधार से बनाया गया है राशन कार्ड

HighLights

  1. राजधानी में फर्जी आधार से बने 18 हजार से अधिक राशन कार्ड
  2. दुर्ग, सरगुजा, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा जिले लिस्ट में आगे
  3. 1,05,590 निष्क्रिय आधार धारकों के नाम पर बने फर्जी राशनकार्ड

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: प्रदेश में राशन कार्ड सत्यापन के दौरान सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वन नेशन वन कार्ड के तहत कराए गए ई-केवाईसी और आधार सत्यापन में पता चला है कि राजधानी में डुप्लीकेट आधार से राशन कार्ड बनवाने वालों का आंकड़ा 18 हजार से अधिक है।

इसके बाद दुर्ग (8,809), सरगुजा (4,776), जशपुर (3,764), राजनांदगांव (3,551) और कोरबा (3,129) जैसे जिले सूची में प्रमुख हैं। शहरी प्रवास, बस्तियों की अधिकता और तेजी से हो रहे पंजीयन प्रमुख कारण हो सकते हैं।

जहां बड़े जिलों की स्थिति भयावह है, वहीं बलरामपुर, कवर्धा और महासमुंद जैसे अपेक्षाकृत छोटे जिलों में भी आंकड़े चौंकाने वाले हैं। बलरामपुर में 4,628 डुप्लीकेट आधार, कवर्धा में 8,701 निष्क्रिय आधार, जबकि महासमुंद में 75 से अधिक 100 वर्ष के सदस्य मिले हैं।


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खाद्य विभाग का अलर्ट मोड पर

खाद्य संचालनालय ने संबंधित जिलों को निर्देश दिए हैं कि इन राशन कार्डों की फिजिकल वेरिफिकेशन कर फर्जी सदस्यों को हटाया जाएगा। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को विशेष टीम गठित करने को कहा गया है। फर्जी कार्डों के माध्यम से वर्षों से उठाए गए राशन की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। जिन राशन दुकानों या अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके विरुद्ध विभागीय जांच की तैयारी की जा रही है।

100 साल से अधिक उम्र के 1806 सदस्य

पूरे राज्य में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 1,806 सदस्य राशन कार्ड में दर्ज हैं, जिनके नाम पर न केवल राशन उठाया गया बल्कि कई बार स्वास्थ्य और अन्य योजनाओं का भी लाभ लिया गया। बिलासपुर, सरगुजा, जशपुर और सक्ती में सबसे अधिक शतायु सदस्य चिह्नित हैं।

निष्क्रिय आधार पर भी जारी रहा सरकारी लाभ

रिपोर्ट में 1,05,590 निष्क्रिय आधार धारकों के नाम सामने आए हैं, जिन पर राशनकार्ड बने हैं। बिलासपुर (5,841), कवर्धा (8,701), जशपुर (5,681), रायपुर (9,356) जैसे जिलों में हजारों निष्क्रिय पहचान से राशन उठाया जा रहा था।

उठा रहे थे चावल

बता दें कि जिन लोगों की जानकारी ई-केवाईसी में गलत मिली है, वह बीते पांच साल से चावल उठा रहे थे। छह सदस्यी परिवार में दो लोगों के नाम गलत मिल रहे हैं। अब जब सत्यापन किया जा रहा है तो ऐसे कार्डधारी सामने नहीं आ रहे हैं। विभाग को संदेह है कि ये राशनकार्ड गलत जानकारी देकर बनाए गए हैं।

83,872 सदस्यों ने नहीं कराया सत्यापन

ई-केवाईसी में महिला के आधार नंबर में पुरुष का नाम लिखकर राशनकार्ड बनवाया गया। ऐसे ही जिन सदस्यों के नाम पर बोगस कार्ड बनाए गए है वही सत्यापन और ई-केवाईसी नहीं करा रहे हैं। प्रदेश 2,73,01,280 कुल सदस्य पंजीकृत हैं, जिनमें से 83,872 सदस्यों ने सत्यापन नहीं कराया।

यह भी पढ़ें:फर्जीवाड़ा: छत्तीसगढ़ में एक लाख फर्जी "आधार" में 162 वर्षीय वृद्धा की तलाश, 100 साल से ज्यादा के 1806 लोग

विभाग को संदेह है कि ऐसे सदस्यों का नाम दर्ज है जिनका अन्य जिलों और प्रदेशों के राशनकार्ड में नाम पहले से लिखा चुके हैं। ऐसे राशनकार्ड की जांच विभाग ने शुरू कर दी है। मामले में फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।