• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में व्यापमं की मुफ्त परीक्षाओं से सरकारी संसाधनों पर चोट, 2022 से हो रही हैं फ्री परीक्षाएं

अप्रैल, 2022 से व्यापमं और सीजीपीएससी (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा का आवेदन निश्शुल्क कर दिया गया है। इसके चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थी फार्म...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Tue, 25 Mar 2025 11:56:46 AM (IST)Updated Date: Tue, 25 Mar 2025 03:08:05 PM (IST)
छत्तीसगढ़ में व्यापमं की मुफ्त परीक्षाओं से सरकारी संसाधनों पर चोट, 2022 से हो रही हैं फ्री परीक्षाएं
एक अभ्यर्थी की परीक्षा कराने में व्यापमं को 160 से 230 रुपये तक का खर्च आता है।

HighLights

  1. बड़ी संख्या में अभ्यर्थी फार्म भरते हैं, लेकिन परीक्षा देने नहीं आते।
  2. 10 परसेंट अभ्यर्थी भी व्यापमं की भर्ती परीक्षा में नहीं होते शामिल।
  3. परीक्षा कराने में मैनपावर से लेकर भवन आदि का होता है दुरुपयोग।

मनीष मिश्रा, रायपुरl रायपुर व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) की मुफ्त परीक्षाओं से सरकारी संसाधनों को चोट पहुंच रही है। हाल ही में हुई मत्स्य निरीक्षक की परीक्षा में नौ प्रतिशत, प्रयोगशाला सहायक की परीक्षा में 18% परीक्षार्थी शामिल हुए हैं।

इन दोनों ही परीक्षाओं के लिए की गई व्यवस्था में डेढ़ करोड़ रुपये बर्बाद हुए और मैनपावर से लेकर भवन इत्यादि का भी दुरुपयोग हुआ। अप्रैल, 2022 से व्यापमं और सीजीपीएससी (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा का आवेदन निश्शुल्क कर दिया गया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी फार्म भरते हैं, लेकिन परीक्षा देने नहीं आते।


naidunia_image

चार परीक्षाओं में ही 7.5 करोड़ से ज्यादा बर्बाद

  • 1. मत्स्य निरीक्षक के 70 पदों के लिए 21 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, जिसमें से नौ प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। लगभग 43,95,000 रुपये बर्बाद हुए।
  • 2. प्रयोगशाला सहायक के नौ पदों के लिए 67 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, 18 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में बैठै। लगभग 1,26,36,000 रुपये बर्बाद हुए।
  • 3. अक्टूबर 2024 में लैब तकनीशियन के 260 पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा में 1.30 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, परीक्षा में 50 प्रतिशत से ज्यादा अभ्यर्थी अनुपस्थित थे। लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बर्बाद हुए।
  • 4. सितंबर 2024 में छात्रावास अधीक्षक की भर्ती परीक्षा हुई। 300 पदों के लिए साढ़े छह लाख आवेदन आए, 56% अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। लगभग 4,57,60000 रुपये बर्बाद हुए थे।

यह भी पढ़ें- हर व्यक्ति को गर्मी में मिलेगा पानी, छत्तीसगढ़ में अगले 15 दिनों में सुधारे जाएंगे हैंडपंप और नल

इस तरह होता है खर्च

व्यापमं को आवेदनों की संख्या के अनुसार ओएमओ शीट छपवानी होती है। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था करनी पड़ती है। एक अभ्यर्थी के पीछे व्यापमं को 160 से 230 रुपये तक का खर्च आता है। कम अभ्यर्थियों वाली परीक्षा में प्रति अभ्यर्थी 230 रुपये और ज्यादा संख्या वाली परीक्षा में प्रति अभ्यर्थी 160 रुपये तक का खर्च आता है।

भर्ती परीक्षाओं के आवेदन निश्शुल्क है, इस वजह से आवेदन कर देते हैं। अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति चिंताजनक है। निश्शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। -डॉ. जवाहर सूरी सेट्टी, शिक्षाविद

यह भी पढ़ें- CG हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, कर्मचारियों की निलंबन अवधि को माना जाएगा ड्यूटी का हिस्सा

2022 से निश्शुल्क आवेदन की शुरुआत

भूपेश बघेल सरकार में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं के लिए निश्शुल्क आवेदन की शुरुआत 2022 में हुई। व्यापमं हर साल 10 प्रवेश परीक्षा व कई भर्ती परीक्षाएं कराती हैं। सीजीपीएससी का भी यही हाल है।