रायपुर (राज्य ब्यूरो)। राज्य की श्री धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल दुकानों में अब पतंजलि सहित अन्य किसी भी कंपनी के ऐसे आयुर्वेद उत्पादों की बिक्री नहीं होगी जो छत्तीसगढ़ हर्बल तैयार करता है। सरकार ने यह फैसला छत्तीसगढ़ हर्बल उत्पाद तैयार करने में लगीं महिला स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए लिया है। इस संबंध में सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार राज्य के विभिन्न् शहरों में करीब 159 श्री धनवंतरी मेडिकल दुकान संचालित किए जा रहे हैं। इनमें अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से 50 प्रतिशत से 72 प्रतिशत कम कीमत पर लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन दुकानों में जेनेरिक दवाओं के साथ ही लोगों को विभिन्न् प्रकार के हर्बल उत्पाद भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के उपसचिव एचआर दुबे के अनुसार छत्तीसगढ़ हर्बल के उत्पाद श्री धनवंतरी मेडिकल दुकानों के माध्यम से बेचे जाएंगे। इसकी वजह से इन मेडिकल दुकानों से अन्य कंपनियों के हर्बल उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

देश-विदेश से आ रही मांग

छत्तीसगढ़ हर्बल बड़ा ब्रांड बनता जा रहा है। इसके उत्पादों की मांग देश-विदेश से आ रही है। इसे देखते हुए सरकार ने उत्पादों की गुणवत्ता परखने के लिए रायपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कांकेर और बिलासपुर में प्रयोगशालाओं की स्थापना की है। इनमें निर्धारित प्रोटोकाल के अनुरूप 65 लघु वनोपज, 59 औषधीय, 46 खाद्य, सात कास्मेटिक के साथ ही अन्य 22 उत्पादों का परीक्षण किया जाएगा।

आठ हजार से अधिक महिला समूहों को होगा फायदा

अधिकारियों के अनुसार राज्य में लघु वनोपजों के प्रसंस्करण में आठ हजार 11 स्व-सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। इस निर्णय से इनकी आमदनी बढ़ेगी। वर्ष 2021-22 में छह करोड़ 38 लाख रुपये के उत्पादों का विक्रय किया गया था।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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