
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई है। सोमवार को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बारिश दर्ज की गई, जबकि दुर्ग सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। रायपुर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार समुद्र तल पर सक्रिय द्रोणिका और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक बने सिस्टम के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है। रायपुर शहर में मंगलवार को आंशिक मेघमय आकाश, गरज-चमक और अंधड़ के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में सोमवार को दुर्ग सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.9 डिग्री अधिक रहा। वहीं अंबिकापुर सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर में भी तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में उमस और गर्मी का असर बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं से तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।
प्रदेश में सोमवार को उत्तर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 50 मिलीमीटर बारिश सूरजपुर जिले के ओड़गी में हुई। इसके अलावा रामानुजनगर, प्रतापपुर और कांसाबेल में 20-20 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। बलरामपुर, कोरबा, रायगढ़ और बलौदाबाजार के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश हुई।
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के एक-दो स्थानों पर तेज गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने किसानों, खुले स्थानों में काम करने वाले लोगों और बिजली उपकरणों के पास रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बादलों की सक्रियता बढ़ने से अचानक तेज अंधड़ और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
राजधानी में मंगलवार को आंशिक मेघमय आकाश रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शहर में गरज-चमक, अंधड़ और हल्की बारिश हो सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सोमवार को शहर में सुबह और शाम के समय उमस बनी रही। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और उत्तर भारत में बने सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर दिखाई दे रहा है। अगले दो दिनों में बादलों की गतिविधि और बढ़ सकती है।