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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, कोर्ट के मामलों में 15 दिनों में जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई, समय सीमा तय

हाई कोर्ट ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

By Abhishek RaiEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 04:42:25 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 04:42:25 PM (IST)
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, कोर्ट के मामलों में 15 दिनों में जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई, समय सीमा तय
बिलासपुर हाई कोर्ट में लंबित मामलों पर कड़ा एक्शन।

HighLights

  1. बिलासपुर हाई कोर्ट में लंबित मामलों पर कड़ा एक्शन
  2. हाई कोर्ट में अटके मामलों में एक्शन मोड में आई सरकार
  3. 15 दिनों में जवाब न देने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। हाई कोर्ट में लंबे समय से लंबित मामलों में जवाब नहीं देने वाले अधिकारियों पर अब कार्रवाई होगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

संचालनालय ने सभी संयुक्त संचालकों, नगर निगम आयुक्तों और नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को पत्र जारी किया है।

बिलासपुर हाई कोर्ट में लंबित मामलों पर विभाग की सख्ती

इसमें स्पष्ट किया गया है कि बिलासपुर हाई कोर्ट में राज्य शासन से जुड़े कई मामले लंबित हैं। इन प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को प्रभारी या सहायक प्रभारी अधिकारी बनाया गया है, लेकिन लंबे समय से जवाब प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। विभाग ने इसे प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं माना है। साथ ही, जवाब प्रस्तुत नहीं करने का कारण भी स्पष्ट नहीं किया गया है।


यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, स्मार्ट मीटर और पीएम सूर्यघर योजना से 35 हजार उपभोक्ताओं के बिल आए 'जीरो'

लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी

अब संबंधित प्रभारी अधिकारियों को सभी मामलों में 15 दिनों के भीतर जवाब दाखिल कराने और उसकी एक प्रति शासन व संचालनालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि तय समय में जवाब नहीं देने पर जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।