• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

मतांतरण पर बढ़ी रार: मदद और इलाज के नाम पर ईसाई नहीं जा सकेंगे हिंदुओं के घर

धमतरी कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित शांति समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि अब ईसाई प्रार्थना सभा में हिंदू शामिल नहीं हो सकेंगे।...और पढ़ें

By Rammilan sahuEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 11:03:03 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 11:07:30 PM (IST)
मतांतरण पर बढ़ी रार:  मदद और इलाज के नाम पर ईसाई नहीं जा सकेंगे हिंदुओं के घर
धमतरी जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित बैठक में हिस्सा लेते हिंदू व ईसाई संगठनों के प्रतिनिधि। - डीपीआर

HighLights

  1. शांति समिति की बैठक में लिया गया फैसला
  2. जिला कलेक्टरेट में आयोजित की गई बैठक
  3. हिंदू व ईसाई संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे

नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी। कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में 16 सितंबर को शाम अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह देहारी की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। जिसमें हिंदू संगठन के पदाधिकारी व ईसाई समाज के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब धमतरी जिले में शहर व गांवों में आयोजित ईसाइयों की प्रार्थना सभा में ईसाई समाज के लोग ही शामिल होंगे। हिंदू प्रार्थना सभा में शामिल नहीं हो सकते।

यदि प्रार्थना सभा में कोई भी हिंदू मिला, तो सीधे इसे मतांतरण मानकर प्रशासन से शिकायत की जाएगी। प्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य कानून 2026 में लागू होने के बाद राजपत्र में प्रकाशित नियमों के अनुसार मतांतरित कराने वालों के खिलाफ छह माह से तीन वर्ष तक की सजा होगी।


ऐसा किया तो माना जाएगा मतांतरण

शांति समिति की बैठक में उपस्थित हिंदू संगठन के पदाधिकारी व ईसाई समाज के पदाधिकारियों की उपस्थिति में स्पष्ट तौर पर निर्णय लिया गया है कि अब धमतरी शहर व जिले के किसी भी गांव में कोई भी ईसाई प्रार्थना करने नहीं जाएगा। यदि जाता है तो इसे मतांतरण माना जाएगा और शिकायत पर कानूनी कार्रवाई होगी।

बपतिस्मा कर प्रशासन को जानकारी दें

यदि कोई हिंदू मतांतरित होता है, तो उन्हें विधिवत बपतिस्मा कर शासन-प्रशासन को जानकारी देना है। वहीं ऐसे लोगों की सूची ईसाई समाज को शासन को देना होगा, इसके बाद ही ऐसे मतांतरित लोग प्रार्थना सभा में शामिल हो सकते हैं और उन्हें ईसाई माना जाएगा।

ईलाज व सहायता के नाम पर नहीं जा सकेंगे हिंदुओं के घर

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि ईसाई समाज के लोग हिंदूओं के घर ईलाज व सहायता के नाम पर नहीं जाएगा। यदि ऐसा करते पाया गया तो इसे सीधे तौर पर मतांतरण माना जाएगा। इसके अलावा बैठक में कई अन्य निर्णय लिया गया और चर्चा भी हुई। बैठक में हिंदू संगठन के दीपक सिंह ठाकुर, पुरूषोत्तम निषाद, चित्रेश साहू, डागेश्वर साहू, मोहन साहू समेत ईसाई समाज के कई प्रमुख पदाधिकारी समेत एएसपी डीसी पटेल, एसडीएम पीयूष तिवारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मतांतरित लोग सीधे बपतिस्मा कराएं

शांति समिति की बैठक में उपस्थित हिंदू जागरण मंच के प्रांत युवा प्रमुख दीपक सिंह ठाकुर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि जो भी ईसाई समाज में मिलना चाहते हैं, ऐसे लोग बकायदा शपथ पत्र के साथ शासन को जानकारी दें। कानूनी प्रकि्रया के तहत पूरी तरह से बपतिस्मा कराएं, ताकि वह ईसाई हो जाए। इसकी जानकारी सार्वजनिक व शासन तक पहुंचने के बाद ऐसे मतांतरित लोगों को हिंदू होने के नाम पर उन्हें शासन से जो लाभ मिलता है, इसे रद किया जा सके।

बाइबल कोर्स कर रहे हिंदुओं की जानकारी दें

उन्होंने यह भी कहा कि शहर में बाइबिल के कोर्स संचालित होता है, इसके लिए शहर में दो जगह चिन्हांकित है, यहां कोर्स करने पहुंचने वाले हिंदू बच्चों की जानकारी शासन-प्रशासन को दी जाए। ताकि ये बच्चे गांवों में जाकर दूसरों को बाइबिल की जानकारी न दे सके। हिंदू बच्चों को यहां यह कोर्स न कराया जाए।

हम नहीं करते चंगाई सभा

बैठक में उपस्थित ईसाई समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि हम चंगाई सभा का आयोजन कहीं भी नहीं करते हैं। समाज के लोग मिल-जुलकर एक स्थान पर प्रार्थना करते हैं। हम किसी को मतांतरण नहीं कराते हैं। यदि कोई स्वेच्छा से ईसाई समाज में आना चाहते हैं, तो वे पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरा कर आए।