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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

HSRP Deadline Nears: हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने में मोबाइल कनेक्ट नहीं होना बना रोड़ा, 15 अप्रैल है डेड लाइन ‌

HSRP Deadline Nears: सभी जिला परिवहन कार्यालय में अतिरिक्त काउंटर बनाकर मोबाइल नंबरों को कनेक्ट करने के साथ ही अपडेट किया जा रहा है। सड़क परिवहन और रा...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Mon, 14 Apr 2025 01:09:54 PM (IST)Updated Date: Mon, 14 Apr 2025 02:31:38 PM (IST)
HSRP Deadline Nears: हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने में मोबाइल कनेक्ट नहीं होना बना रोड़ा, 15 अप्रैल है डेड लाइन ‌
एचएसआरपी नंबर प्लेट की प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. प्रदेशभर में करीब 8,2000 वाहनों में एचएसआरपी लगाए जा चुके हैं।
  2. लास्ट डेट करीब, आरटीओ दफ्तर की दौड़ लगा रहे हैं वाहन मालिक।
  3. अभी भी करीब 15 प्रतिशत वाहन मालिकों ने नंबर प्लेट नहीं लगवाई है।

सतीश पांडेय, रायपुर। High Security Number Plate: हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगाने में मोबाइल नंबर कनेक्ट नहीं होने के कारण वाहन मालिकों को आरटीओ दफ्तर तक दौड़ लगानी पड़ रही है। इसे देखते हुए सभी जिला परिवहन कार्यालय में अतिरिक्त काउंटर बनाए गए हैं।

वहां मोबाइल नंबरों को कनेक्ट करने के साथ ही अपडेट किया जा रहा है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 15 अप्रैल की अंतिम तिथि को देखते हुए वाहन मालिक लगातार एचएसआरपी लगाने के लिए आवेदन दे रहे हैं।


हालांकि, अब भी करीब 15 प्रतिशत वाहन मालिकों ने नंबर प्लेट नहीं लगवाई है। प्रदेशभर में करीब 8,2000 वाहनों में एचएसआरपी लगाए जा चुके हैं। वहीं 3,8000 वाहनों का पंजीयन कराया गया है। मगर, अब भी करीब 32 लाख वाहनों में इसे लगाया जाना है।

रायपुर में कलेक्ट्रेट, रावांभाठा और पंडरी स्थित सिटी सेंटर परिवहन सेवा केंद्र में मोबाइल नंबर कनेक्ट कराने के लिए दो अलग से काउंटर खोले गए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी अभिसूचना के अनुसार केंद्रीय मोटरयान अधिनियम के तहत एक अप्रैल 2019 से पुराने वाहनों में HSNP लगाया जाना जरूरी है।

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पुराने आठ लाख वाहन सड़कों हुए बाहर

प्रदेशभर में परिवहन विभाग में इस समय 80 लाख से ज्यादा वाहन पंजीकृत हैं। इनमें दोपहिया, तीन पहिया से लेकर मालवाहक और अन्य वाहन शामिल हैं। इनमें से 2019 के पहले के करीब 50 लाख वाहन शामिल हैं।

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि करीब आठ लाख वाहन जर्जर होने और 20 साल से ज्यादा पुराने होने के कारण सड़कों से बाहर हो चुके हैं।

ये है निर्धारित शुल्क

दोपहिया, ट्रैक्टर और ट्रेलर का शुल्क जीएसटी सहित 365.80 रुपये, तीन पहिया के लिए 427.16, हल्की मोटरयान, पैसेंजर कार के लिए 656.08 और 705.64 रुपये निर्धारित किया गया है।

सभी भुगतान डिजिटल मोड माध्यम से किए जा रहे हैं। ऑटोमोबाइल डीलरों द्वारा एक अप्रैल 2019 के पूर्व पंजीकृत मोटर वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिह्न प्रत्येक इंस्टालेशन के लिए 100 रुपये अतिरिक्त चार्ज के साथ लगाया जाना है।

ऐसे लगवाएं नंबर प्लेट

वाहन मालिक एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाने के लिए परिवहन विभाग के सीजी ट्रांसपोर्ट डॉट गर्वमेंट डॉट इन पर जाकर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परिवहन सेवा केंद्र और संबंधित जिला आरटीओ में आवेदन भी किया जा सकता है। इसे लगाने की जिमेदारी रोसमार्टा सेटी और रियल मेजान इंडिया लिमिटेड कंपनी को सौंपी गई है।

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आंकड़ों से समझें

  • 38 हजार वाहनों का पंजीयन हो चुका है अभी तक।
  • 82 हजार वाहनों में लगाया जा चुकी है नंबर प्लेट।
  • 32 लाख वाहनों में इसे लगाई जानी है नंबर प्लेट।
  • 80 लाख से अधिक वाहन प्रदेशभर में पंजीकृत।
  • 50 लाख वाहन वर्ष 2019 के पहले के पंजीकृत।

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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के ये हैं फायदे

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने से कई फायदे होते हैं। विभाग का दावा है कि वाहन की सुरक्षा बेहतर होती है। चोरी और धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आती है। यातायात प्रबंधन बेहतर होने के साथ ही वाहन की पहचान आसान होने और दुर्घटना में मदद मिलती है। यातायात पुलिस द्वारा चालान से बचा जा सकता है और समग्र सड़क सुरक्षा में सुधार होता है।

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एचएसआरपी नंबर प्लेट की खासियत

यह एल्यूमीनियम से बनी होती है। इस पर क्रोमियम आधारित होलोग्राम लगा होता है। इस होलोग्राम में वाहन की पूरी जानकारी होती है। इस प्लेट पर एक यूनिक लेजर कोड होता है और यह नॉन रिमूवेबल स्नैप ऑन लॉक के साथ लगा होता है। यह एक बार टूट जाए, तो फिर इसे जोड़ा नहीं जा सकता। कोई भी इस प्लेट को कापी करके नकली प्लेट नहीं बना सकता।