रावण दहन मानवाधिकारों का उल्लंघन, आयोग बोला- रावण मानव नहीं, ऐसी ही चार हजार बेबुनियाद शिकायतें
छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के समक्ष रावण दहन को मानवाधिकार हनन बताने वाली अनूठी शिकायत पहुंची जिसे आयोग ने खारिज कर दिया। कार्यवाहक अध्यक्ष गिरधारी ना...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 07:31:14 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 07:33:48 PM (IST)
राज्य मानवाधिकार आयोग के पदाधिकारी संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए। -नईदुनियाHighLights
- रावण दहन पर मानवाधिकार हनन की शिकायत
- तीन बार सड़क हादसा करने पर लाइसेंस रद
- कर्मचारियों और पीड़ितों के हितों की रक्षा
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के सामने हाल ही में एक विचित्र शिकायत सामने आई, जिसमें विजयादशमी पर रावण का पुतला दहन करने को मानवाधिकारों का हनन बताया गया। शिकायतकर्ता का तर्क था कि जब दुर्योधन ने रावण से भी बड़े पाप किए थे, तब उसका पुतला क्यों नहीं जलाया जाता।
आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष गिरधारी नायक ने प्रेसवार्ता में इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शिकायतकर्ता को स्पष्ट कर दिया गया कि रावण मानव की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए यह प्रकरण मानवाधिकार आयोग के क्षेत्राधिकार से बाहर है। उन्होंने बताया कि आयोग में अब तक इस तरह के तीन से चार हजार बेबुनियाद मामले आ चुके हैं।
सामाजिक बहिष्कार के मामलों की बहुलता
आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष ने आंकड़ों का ब्योरा देते हुए जानकारी दी कि वर्ष 2000 से 2026 के बीच आयोग के पास लगभग 74 हजार मामले पहुंचे, जिनमें से वर्तमान में सिर्फ 900 मामले ही लंबित हैं। प्राप्त शिकायतों में 40 से 45 प्रतिशत मामले सीधे तौर पर सामाजिक बहिष्कार की कुरीति से जुड़े हैं, जो गंभीर सामाजिक चिंता का विषय हैं। इसके अतिरिक्त राजधानी रायपुर के छह हजार सफाई कर्मचारियों में से 1800 कर्मियों की समस्याएं आयोग के संज्ञान में आई हैं, जिनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल की जा रही है।
हादसे करने वालों के लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आयोग ने परिवहन विभाग को बेहद कड़ा नीतिगत सुझाव दिया है। आयोग ने कहा है कि जो ड्राइवर तीन या उससे अधिक सड़क दुर्घटनाओं में संलिप्त पाए जाते हैं, उनके ड्राइविंग लाइसेंस की तुरंत समीक्षा कर उन्हें स्थायी तौर पर निरस्त किया जाए। इसके विपरीत, 15 से 20 वर्षों तक बिना किसी दुर्घटना के सुरक्षित वाहन चलाने वाले चालकों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाए, जिससे चालकों में सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति सकारात्मक प्रोत्साहन विकसित हो।
ट्रक चालकों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस का प्रस्ताव
सड़क परिवहन से जुड़े कामगारों की सामाजिक सुरक्षा पर जोर देते हुए आयोग ने राज्य में 10 से अधिक ट्रक संचालित करने वाले लगभग तीन हजार ट्रक मालिकों के अधीन कार्यरत 30 हजार ड्राइवरों का मुद्दा उठाया है। इन सभी ड्राइवरों को समूह बीमा (ग्रुप इंश्योरेंस) का लाभ सुनिश्चित कराने के लिए आयोग द्वारा संबंधित उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर ठोस कदम उठाने को कहा गया है।
जमीनी स्तर पर व्यापक सुधार और राहत कार्य
आयोग के करीब 700 इंटर्न ने रायपुर और बिलासपुर की झुग्गी बस्तियों तथा सफाई कर्मियों की जमीनी हकीकत का अध्ययन किया। पड़ताल में राशन वितरण, पहचान पत्र, बच्चों की शिक्षा, नशा मुक्ति और सफाई सुरक्षा किट से जुड़े गंभीर अभाव सामने आए। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश के तीन हजार पूर्व चिन्हित कुष्ठ रोगियों की पुनः जांच कराई गई, जिसमें 1500 नए मरीज मिलने पर उनका समुचित उपचार शुरू किया गया। जर्जर स्कूलों की छतों को ढलानयुक्त बनाने का सुझाव देने के साथ ही आयोग ने 200 सरेंडर नक्सलियों से चर्चा की, जिनमें नौ बचपन से अनाथ मिले। वहीं पेंशन के 150 मामलों में से 120 का त्वरित निराकरण कराया गया।