
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और विज्ञान और इंजीनियरिंग की अत्याधुनिक तकनीक (डीप-टेक) इनोवेशन को मजबूत करने के लिए ट्रिपल आवटी नया रायपुर के एआइ सेंटर आफ एक्सीलेंस ने कदम उठाया है। संस्थान ने प्रदेश की दो डीप-टेक कंपनियों अवकलन लैब्स और एक्सस्केल डीपटेक' तथा स्टार्टअप नेटवर्क टीआइई रायपुर के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य लेबोरेटरी की रिसर्च को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के समाधान में बदलना है।
इस करार से टेक छात्रों को अब बड़े प्रोजेक्ट्स और अत्याधुनिक रिसर्च के लिए बेंगलुरु या पुणे जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें पढ़ाई के दौरान ही यहीं स्टार्टअप शुरू करने और विशेषज्ञों से मेंटरशिप की सुविधा मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर तकनीक विकसित होगी, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए और बड़े अवसर पैदा होंगे। इन कंपनियों के सम्मिलित प्रयासों से प्रदेश में पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता को रफ्तार मिलेगी।
इस एमओयू पर अवकलन लैब्स की ओर से संस्थापक डा. कमल शंकर पटेल, एक्सस्केल डीपटेक की सह-संस्थापक मंजूषा पारियल और टीआइई रायपुर के अध्यक्ष मनीष मोहता ने हस्ताक्षर किए। एनआइटी रायपुर के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित यह रिसर्च-ड्रिवेन कंपनी सिमुलेशन के क्षेत्र में काम कर रही है, जिसका लक्ष्य भारत में स्वदेशी तकनीक विकसित करना है। एक्सस्केल डीपटेक वर्ष 2020 में मां-बेटी (रितुपर्णा और मंजूषा पारियल) द्वारा स्थापित कंपनी है जो मैन्युफैक्चरिंग और कृषि के लिए एआइ समाधान बनाती है। टीआइई रायपुर का मंच छात्रों को अनुभवी एंटरप्रेन्योर्स के नेटवर्क से जोड़ेगा।
ट्रिपल आइटी ने तकनीक को रिसर्च से लेकर बाजार तक पहुंचाने के लिए इनोवेशन पाइपलाइन तैयार किया है, जो चरणबद्ध तरीके से काम करेगी। सबसे पहले रिसर्च के जरिए इंडस्ट्री की समस्या का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद उस समस्या के समाधान के लिए एक प्रोटोटाइप शुरुआती माडल तैयार होगा, जिसे आगे चलकर एक नए स्टार्टअप या प्रोडक्ट के रूप में ढाला जाएगा। अंतिम चरण में इस तैयार तकनीक को बाजार या उद्योग के उपयोग के लिए लागू कर दिया जाएगा।
पढ़ाई के साथ समझेंगे उद्योग की समस्याएं
एआई रिसर्च को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखकर, उसे वास्तविक सामाजिक और औद्योगिक समाधानों में बदलने के लिए शिक्षा, उद्योग, सरकार और स्टार्टअप्स को मिलकर काम करना होगा। इसी विजन के साथ हमने बी.टेक पाठ्यक्रम में ''''इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट'''' को अनिवार्य किया है, ताकि विद्यार्थी पढ़ते हुए ही इंडस्ट्री की असली समस्याओं को सुलझा सकें।
- प्रो. ओम प्रकाश व्यास, कुलपति व निदेशक, ट्रिपल आईटी