
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: नया रायपुर स्थित आईआईएम रायपुर में आयोजित 15वें दीक्षा समारोह में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 2026 बैच के छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को आगे बढ़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समझ और विदेश नीति के महत्व पर जोर दिया।
जयशंकर ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे में किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए बाहरी दुनिया की समझ होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल अपने क्षेत्र तक सीमित न रहें, बल्कि वैश्विक घटनाओं और नीतियों पर भी नजर रखें।

उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने उल्लेखनीय विकास किया है और आज दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वैश्विक संकटों के बावजूद भारत ने मजबूती से परिस्थितियों का सामना किया है, जो देश की क्षमता और तैयारी को दर्शाता है।
जयशंकर ने कहा कि देश में राजमार्ग, रेलवे और बंदरगाहों के विस्तार से व्यापार करना पहले से आसान हुआ है। इसके साथ ही डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग ने आम जीवन और कारोबार दोनों में तेजी लाई है, जिससे नए अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने भोजन, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत पर बल दिया। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करना भारत के भविष्य के लिए जरूरी है।
विदेश नीति की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारतीय व्यापारियों को वैश्विक बाजार में आगे बढ़ने में मदद करती है। छात्रों को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने ब्रांड को स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन के अंत में जयशंकर ने छात्रों को संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा हर जगह होगी, इसलिए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए। नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और मजबूत रिश्ते सफलता की कुंजी हैं।