
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य के वन क्षेत्रों, अभयारण्यों और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग, बिक्री, परिवहन और भंडारण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। पहली बार आरएफओ और समकक्ष वनाधिकारियों को तलाशी, कार्रवाई और मौके पर प्रशमन राशि वसूलने का अधिकार दिया गया है।
उल्लंघन पर आम नागरिकों व पर्यटकों से पहली बार 500 और दूसरी बार 1,000 रुपये, दुकानदारों से 25 हजार और 50 हजार तथा निर्माताओं से एक लाख और दो लाख रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। तीसरी बार उल्लंघन गैर-शमनीय होगा।
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पीसीसीएफ अरुण पांडेय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्लास्टिक कैरी बैग, थर्मोकोल के बर्तन, 200 एमएल से छोटी पानी की बोतलें और पाउच प्रतिबंधित रहेंगे। इसका उद्देश्य नदियों, झरनों और पर्यटन स्थलों को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करना है। सभी डीएफओ को एक माह में वनाधिकारियों को प्रशिक्षण देकर आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।