
नईदुनिया. रायपुर: प्रदेश के सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए साल में कम से कम दो बार विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) होगी। राज्य सरकार ने लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 24 सितंबर 2026 को भेजे गए प्रस्ताव पर सहमति दे दी है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (सीजीएसएसबी) के माध्यम से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) पद्धति से परीक्षा होगी। स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाने वाले जिन शिक्षकों की नौकरी में पांच साल या उससे अधिक समय बाकी है, उन्हें नौकरी जारी रखने या पदोन्नति पाने के लिए संबंधित स्तर की टीईटी पास करनी होगी।
सर्वोच्च न्यायालय ने एक सितंबर 2025 को सिविल अपील और 29 मई 2026 को पुनर्विचार याचिका में दिए निर्णय के तहत गैर-टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के लिए साल में न्यूनतम दो बार विशेष परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए थे। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), रायपुर प्रमाणपत्र जारी करेगी। शासन ने लोक शिक्षण संचालनालय को वर्ष में कम से कम दो बार परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट आदेश, संचालनालय का प्रस्ताव, परीक्षा मोड और अनिवार्यता पढ़ें—
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: सर्वोच्च न्यायालय ने पुनर्विचार याचिका में गैर-टीईटी शिक्षकों के लिए वर्ष में दो बार परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया था।
प्रस्ताव पर सहमति: लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 24 सितंबर 2026 को भेजे गए प्रस्ताव को राज्य सरकार ने औपचारिक स्वीकृति दे दी है।
CBT मोड में परीक्षा: CGSSSB द्वारा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट के माध्यम से पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित की जाएगी।
नौकरी व पदोन्नति की शर्त: 5 साल या उससे अधिक सेवा शेष वाले शिक्षकों को सेवा निरंतरता और पदोन्नति हेतु संबंधित स्तर की TET पास करना अनिवार्य होगा।