
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच बनी असमंजस की स्थिति के बीच बिजली वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने 12 अगस्त 2026 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज करने के निर्देश दिए हैं।
कंपनी के अनुसार, इससे बिजली खपत की सटीक निगरानी और पारदर्शी बिलिंग सुनिश्चित होगी। कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर ने बताया कि स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता अपनी खपत पर नजर रख सकेंगे और भविष्य में समय आधारित बिजली दर (टीओडी) का लाभ लेकर कम दर वाले समय में बिजली का उपयोग बढ़ाकर बिल घटा सकेंगे। वहीं वितरण कंपनी को खपत का सही लेखा-जोखा रखने में सहायता होगी।
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बिजली कंपनी ने दावा किया कि बैकुंठपुर प्रकरण की जांच में स्मार्ट मीटर की रीडिंग भी सही पाई गई। जांच में 27 जुलाई से 7 अगस्त के बीच स्मार्ट मीटर की खपत 302 यूनिट और चेक मीटर की 303 यूनिट मिली। केवल एक यूनिट का अंतर रहा।
चेक मीटर की मैनुअल रीडिंग में मानवीय त्रुटि की संभावना रहती है, जबकि स्मार्ट मीटर में रीडिंग स्वतः दर्ज होती है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।