
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ की विवाहित महिलाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी 'महतारी वंदन योजना' का लाभ लेने से वंचित रह गईं पात्र महिलाओं के लिए जल्द ही नए रजिस्ट्रेशन का रास्ता साफ होने जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने संकेत दिए हैं कि आगामी 15 दिनों के भीतर योजना का आधिकारिक पोर्टल नए आवेदनों के लिए दोबारा खोला जा सकता है। सरकार की रणनीति है कि इस नए चरण की शुरुआत सबसे पहले बस्तर संभाग के दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों से की जाए, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं अभी भी इस वित्तीय सहायता से दूर हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बस्तर संभाग को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि बस्तर के कई अंदरूनी और संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता या तकनीकी दिक्कतों की वजह से कई पात्र शादीशुदा महिलाएं पहले चरण में अपना नामांकन नहीं करा पाई थीं। इस बार सरकार विशेष रूप से इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि हर जरूरतमंद तक योजना की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की वित्तीय सहायता सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। राज्य सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 28 किस्तों का सफलतापूर्वक भुगतान किया जा चुका है, जिसके तहत ₹18,165.19 करोड़ की भारी-भरकम राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की गई है।
यह योजना केवल मासिक नकद सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण परिवेश की महिलाओं के लिए स्वावलंबन का जरिया बन चुकी है:
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विभागीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से एक और महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी खरीदने के लिए दी जाने वाली राशि अब सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
पूर्व में इस व्यवस्था को बदल दिया गया था, लेकिन कार्यकर्ताओं की सहूलियत और प्रक्रिया को साफ-सुथरा रखने के लिए सरकार ने पुरानी डायरेक्ट पेमेंट व्यवस्था को पुनः बहाल करने का निर्णय लिया है।