
रायपुर (राज्य ब्यूरो)। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए आय प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए है। प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)/तहसीलदार को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया गया है। भारत सरकार के अंतर्गत लोक पदों व सेवाओं में तथा शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण को देखते हुए यह प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
निर्धारित प्रारुप में प्रस्तुत करना होगा आवेदन
आवेदक को आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्र में आवश्यक दस्तावेज भी देना होगा। सक्षम प्राधिकारियों द्वारा आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो वर्तमान में आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए प्रचलित है। प्रमाण पत्र जारी करने के पूर्व उद्घोषणा एवं दावा आपत्ति के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
आवेदन अमान्य होने पर कर सकेंगे अपील
प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर के प्रमाण पत्र नहीं बनने और प्रारूप तय नहीं होने के मुद्दे को नईदुनिया ने गंभीरता से उठाया था। अब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा तहसीलदारों अपने क्षेत्राधिकार की सीमा के अंतर्गत ही प्रमाण पत्र जारी करेंगे। आवेदन अमान्य होने पर जिला कलेक्टर के समक्ष प्रथम अपील तथा संभागीय आयुक्त के समक्ष द्वितीय अपील प्रस्तुत की जाएगी।
अधिकतम एक महीने में जारी होगा प्रमाण पत्र
गलत साक्ष्य एवं दस्तावेज के आधार पर प्रमाण पत्र जारी होने पर जारीकर्ता अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। आवेदन पत्र में दी गई जानकारी एवं संलग्न दस्तावेजों का समुचित रूप से परीक्षण एवं सत्यापन कर आवेदन की प्राप्ति की तिथि से अधिकतम एक माह के भीतर प्रमाण पत्र जारी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
आठ लाख से कम आय वाले होंगे पात्र
ऐसे उम्मीदवार जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग एवं क्रीमीलेयर के अंतर्गत नहीं आते हैं और जिनकी पारिवारिक सकल वार्षिक आय आठ लाख स्र्पये से कम है। उनकी पहचान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रूप में की जाएगी। आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र में आय आवेदन किए गए वर्ष से पहले के वित्तीय वर्ष में सभी स्त्रोतों अर्थात वेतन, कृषि व्यवसाय, पेशे एवं अन्य स्त्रोतों से हुई आय शामिल होगी।