मतांतरण कराने वालों के लिए देश में जगह नहीं, मतांतरित लौटें सनातन में बोले इंद्रेश कुमार
आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने रायपुर में कहा कि भारत में जबरन मतांतरण की कोई जगह नहीं है। उन्होंने मतांतरित हुए लोगों से अपने मूल धर्म सना...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 30 Jun 2026 11:37:54 AM (IST)Updated Date: Tue, 30 Jun 2026 11:41:27 AM (IST)
इंद्रेश कुमार की फाइल तस्वीर। अर्काइवHighLights
- रएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार का मतांतरण पर बयान
- भारत में जबरन मतांतरण करने वालों के लिए जगह नहीं
- कहा, मतांतरित लोग वापस अपने मूल धर्म सनातन में लौटें
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया.रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा कि इस देश में जबरन मतांतरण कराने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। जो मतांतरित हो चुके हैं, उन्हें अपने मूल धर्म सनातन में वापस लौट जाना चाहिए। इंद्रेश कुमार, राजधानी में आपातकाल विषय पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत सभी धर्मों के सम्मान की भूमि है, लेकिन मतांतरण की मानसिकता को यहां स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत सभी आस्थाओं के सम्मान की संस्कृति वाला देश है और इसी परंपरा को मजबूत करना होगा।
डियररेस्ट हों या नियररेस्ट पर न्याय जरूर होगा
उन्होंने राम मंदिर के कथित चोरी मामले पर कहा कि हर फैसले का इंतजार धैर्य के साथ किया जाना चाहिए। प्रतीक्षा करने में आनंद रहता है। हर फैसला न्यायपूर्ण होगा और हमें सभी व्यवस्थाओं पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि चाहे डियररेस्ट (सबसे प्रिय) हो या नियररेस्ट (सबसे करीबी), न्याय जरूर होगा। उन्होंने गोरखपुर मठ को राम मंदिर से दूर रखे जाने संबंधी चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि राम मंदिर का विषय सर्वोपरि है। गोरखपुर मठ राम से पहले भी जुड़ा था, आज भी जुड़ा है और भविष्य में भी जुड़ा रहेगा।
सिंधु उत्सव का किया जिक्र
उन्होंने लद्दाख में आयोजित सिंधु उत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि सिंधु आरती, सिंधु भजन और सिंधु के 108 नामों की माला भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक हैं।
बयान को तोड़-मरोड़कर किया गया पेश
महात्मा गांधी से जुड़े एक वक्तव्य पर विवाद में उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अतीत में भी कई मुद्दों को आधार बनाकर राजनीत करने का प्रयास किया है, लेकिन हर बार उन्हें नुकसान ही उठाना पड़ा है।