
रायपुर। CA final result nov 2022 इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आईसीएआई) ने सीए फाइनल और इंटरमीडिएट एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है। इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया की ओर से सीए फाइनल रिजल्ट में ग्रुप ए में कुल 65 हजार 291 उम्मीदवार उपस्थित हुए थे। इनमें से 13 हजार 969 को पास घोषित किया गया है। जबकि ग्रुप बी की परीक्षा में 64 हजार 775 उम्मीदवार शामिल हुए थे। जिनमें से 12 हजार 53 ने परीक्षा पास की। दोनों ग्रुप में टोटल 11.09% उम्मीदवार ही पास हुए हैं। इंटरमीडिएट बोथ ग्रुप में निधि चंदवानी और पाखी ड्रोलिया ने संयुक्त रुपए से रायपुर टापर बनीं। बोथ ग्रुप में श्रेया शर्मा, रितिक खेतान,अंश अग्रवाल, अंकुर बंसल, मीत कुमार मेहता, डिंपल पोपटानी ने अच्छे अंक लाकर सीए बने। सीए रायपुर ब्रांच के अध्यक्ष सीए अमिताभ दुबे और सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिलिंग के उपाध्यक्ष सीए किशोर बरडिया ने बताया कि ऐसा पहला मौका है जब इंटरमीडिएट ओर फाइनल दोनों के परिणाम एक साथ जारी हुए है।
इंटरमीडिएट में निधि और पाखी को मिले बराबर अंक
इंटरमीडिएट बोथ ग्रुप में पाखी ड्रोलिया और निधि चंदवानी दोनों को 584 अंक मिले है। कचना में रहने वाली पाखी ने बताया कि वीकली टेस्ट दिया। परीक्षा से पहले पुराने प्रश्न-पत्र हल किए। प्रतिदिन 12 से 13 घंटे पढ़ाई किया। तनाव दूर करने के लिए पैदल चलती थी, दोस्तों से बात करती थी।मुझे गीत सुनना, नृत्य करना और फिल्म देखना पसंद है। लेकिन एक साल से कोई फिल्म नहीं देखी।निधि ने बताया कि शिक्षक जो पढ़ाते थे उसे घर आकर पढ़ती थी।समय देखकर पढ़ाई नहीं किया।जुनून के साथ पढ़ाई किया। तनाव दूर करने के लिए योगा किया। लान टेनिस और बैडमिंटन खेलना मुझे पसंद है।
छह महीने किसी कार्यक्रम नहीं हुई शामिल, 80 माक टेस्ट दिए
श्रेया शर्मा ने सीए फाइनल बोथ ग्रुप में 430 अंक हासिल कर सीए बन गई। उन्होंने बताया कि परीक्षा से छह महीने पहले पढ़ाई के लिए समय नहीं देखा। रातभर पढ़ती थी, दिन में सोती थी। इस दौरान हर विषय के 10-10 माक टेस्ट दिए। पढ़ाई का तनाव दूर करने के लिए मम्मी-पापा से बात करती थी। सीए बनने की यात्रा में मम्मी-पापा का बहुत ज्यादा सहयोग रहा। इन छह महीने में कोई भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया। यहां तक की मेरे दादा की बरषी थी, उसमें भी नहीं गई। दादा रामआधार शर्मा और दादी निर्मला शर्मा का सपना था कि सीए बनूं, उन्हीं के सपनों को साकार की हूं। पढ़ाई के लिए जन्मदिन भी नहीं मनाया। चचेरे भाई-बहन की शादी में भी नहीं गई। पापा संजय शर्मा प्रेस में है, मम्मी विजयलक्ष्मी एएनएम है।
पुराने पेपर हल किए, 10 घंटे की पढ़ाई
सुरक्षा तारवानी बोथ ग्रुप का पास कर पहले ही प्रयास में सीए बन गई। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन लगभग 10 घंटे पढ़ाई किया।परीक्षा से पहले पुराने प्रश्नपत्र हल किए। माक टेस्ट भी दिया। शुरू से ही पढ़ाई में अच्छी रही, इसका भी लाभ मिला। पति सीए दिनेश तारवानी का भी पढ़ाई करने में सहयोग मिला।सुरक्षा तारवानी आयकर बार के पूूर्व अध्यक्ष सीए तारवानी की बहु हैं।इनके अलावा पायल वाधवानी और आयुष शाह भी सीए बनने में कामयाब रहे हैं।