
Diwali Milan: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। 'शिक्षा-व्यवस्था में आज नई तकनीक आ गई है। दुनिया भर में दो साल के बाद पूरी तरह से शिक्षा व्यवस्था में बदलाव आ गया है। अब युवाओं को इस बदलाव का मौका उठना होगा, क्योंकि टेक्नोलाजी का जमाना है। युवाओं को खुद ही तैयार होना पड़ेगा।" यह कहना है कि इसरो से अवकाश प्राप्त वरिष्ठ विज्ञानी विनोद कुमार श्रीवास्तव का। विज्ञानी विनोद रविवार को राजधानी में आयोजित कायस्थ समाज, रायपुर के दीपावली मिलन और कायस्थ समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे।
उन्होंने चर्चा करते हुए कहा कि आज कोरोना महामारी के कारण शिक्षक और विद्यार्थी कहीं दूर हो गए हैं। ई-पढ़ाई का प्रचलन बढ़ गया है यानी हमारी भाषा अब पढ़ाई ग्लोबल हो चुकी है। इससे युवा कहीं भी बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल क्रांति में इसरो के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। इसरो द्वारा स्थापित भू-कक्षा के सैटेलाइट ने हम सबको एक साथ यानी एक मंच पर ला दिया है।
इससे हमें सामने वाले की कमी भी महसूस नहीं होती है। उन्होंने कहा कि पहले किताबें मिलने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। तब एक शहर से दूसरे शहर भागना पड़ता था, लेकिन इस दौर में ऐसा नहीं है। आ जहां बैठे हैं, आपको इंटरनेट मीडिया के माध्यम से हर विषय की किताबें उपलब्ध हो जाएंगी। इसका फायदा भी उठना चाहिए।
शासकीय नौकरी के पीछे न भागें युवा
विनोद ने कहा कि अब बदलाव का दौर चल रहा है। ऐसे में युवा शासकीय नौकरी के पीछे न भागें। अपना खुद ही स्टार्टअप शुरू करें। शुरुआत में हर चीज में परेशानी आती है, लेकिन हार न मानें। लोग इस टेक्नोलाजी के आगे एक उद्योग से दूसरे उद्योग का रास्ता भी चुन रहे हैं। युवाओं को भी इसे समझना होगा और मुकाम को हासिल करने के लिए प्रयास करना होगा।
जानें कौन है विनोद कुमार श्रीवास्तव
इसरो के प्रमुख विज्ञानी में शामिल विनोद कुमार श्रीवास्तव मूलत: कानपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने विक्रमाजीत सिंह सनातन धर्म कालेज से एमएससी की डिग्री ली है। पुणे में एक साल जर्मन भाषा की पढ़ाई की। फिर हैदराबाद स्थित डीआरडीओ के सेंटर में आठ साल नौकरी की। 1982 में इसरो में काम करने का अवसर मिला, जहां अपनी विशेष पहचान स्थापित की। बता दें कि विनोद कुमार ने चंद्रयान-2 मिशन लांच किया था। तब उन्होंने दूरदर्शन पर हिंदी में लाइव कमेंट्री की थी। तब उन्हें पूरी दुनिया ने देखा-सुना था।
युवक-युवतियों ने दिया परिचय
कायस्थ समाज के संयोजक आरपी श्रीवास्तव ने बताया कि समाज के 28 युवक-युवतियों ने अपना परिचय दिया। इस अवसर पर तलाश-ए-हमसफर- 2021 पत्रिका का विमोचन किया गया। इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान किया गया। साथ ही युवाओं के लिए स्वरोजगार के लिए विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। अतिथियों ने समाज को आगे कैसे ले जा सकते है, इस पर अपने विचार व्यक्त किए।