रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाल ही में नीट पेपर लीक होने की शिकायत के बाद पुलिस ने जयपुर में कुछ आराेपितों पर कार्रवाई की। इसके बाद से राज्य में भी नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों में रोष है। शिक्षाविदों का मानना है कि चिकित्सा जैसे क्षेत्र में योग्य लोगों का आना बेहद जरूरी है। देखा जा रहा है कि हर साल कहीं न कहीं नीट पेपर लीक या गलत तरीके से पैसे लेकर गिरोह द्वारा छात्रों के बदले पेपर देना, तकनीक के माध्यम से फर्जीवाड़ा जैसी शिकायतें सामने आती हैं।

ऐसे में इस पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। मामले में चिकित्सा शिक्षा संचालक डाक्टर विष्णुदत्त ने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर देश में कही भी पेपर लीक या गलत तरह से पेपर देने की शिकायतें सामने आने से मेहनत कर परीक्षा देने वाले छात्रों का मनोबल तोड़ता है। नीट की परीक्षा में को सफल, सुरक्षित और पारदर्शिता से कराने के लिए देश में पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। मगर, यदि मामले सामने आ रहे हैं, तो परीक्षा की व्यवस्था को लेकर सुधार के लिए सोचना जरूरी है।

फिजिकल परीक्षा ही बेहतर

राज्य अस्पताल बोर्ड के अध्यक्ष और शिक्षाविद् डॉक्टर राकेश गुप्ता का कहना है कि नीट जैसी परीक्षा लीक होना बड़े गिरोह का षड्यंत्र है। यह शिकायतें आम हो चली हैं तकनीक की मदद से पेपर लीक और परीक्षा में फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा है। यह क्षेत्र हर मायने में अहम है। इसलिए अयोग्य व्यक्तियों को इस क्षेत्र में आने से रोकना बेहद जरूरी है। इसके लिए फिजिकल परीक्षा की आवश्यकता है, जो अलग-अलग चरणों में हो। इसमें किसी भी तरह के आपराधिक गतिविधियों पर बड़ी सजा होनी चाहिए।

Posted By: Shashank.bajpai

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