
डिजिटल डेस्क। कभी सुबह की पहली किरण के साथ पानी जुटाने की फिक्र और हैंडपंप पर बर्तनों की लंबी कतारें... यह दास्तां अब गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड स्थित ग्राम बारीउमराव के लिए बीती बात बन चुकी है। जल जीवन मिशन के तहत गांव के हर घर में नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीणों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है। अब लोगों को पानी के लिए न तो घंटों लाइन में लगना पड़ता है और न ही दूर-दराज से भारी बर्तन ढोने पड़ते हैं।
घर पर ही पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी बेहद आसान हो गई है। पहले जहां दिन का एक बड़ा हिस्सा केवल पीने और घरेलू जरूरतों के लिए पानी जुटाने में बीत जाता था, वहीं अब उस समय की बचत हो रही है। खासकर गर्मियों के मौसम में, जब भू-जल स्तर गिरने या हैंडपंप खराब होने से एक-एक बाल्टी पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था, अब नियमित जलापूर्ति से उस संकट का स्थाई समाधान हो गया है।
गांव के निवासी करमदास पुराने दिनों की मुश्किलों को याद करते हुए बताते हैं कि पहले पूरे परिवार की दिनचर्या हैंडपंप के इर्द-गिर्द सिमटी रहती थी। अब घर में ही नल से शुद्ध पानी मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है। वे बताते हैं कि पानी भरने की दौड़भाग खत्म होने से जो समय बच रहा है, ग्रामीण उसका उपयोग खेती-किसानी और अन्य जरूरी कार्यों में कर पा रहे हैं।
पानी ढोने की सबसे ज्यादा मशक्कत महिलाओं और बुजुर्गों को झेलनी पड़ती थी। तपती धूप में सिर पर बर्तन रखकर घर तक पानी लाना उनकी मजबूरी थी। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचने के बाद महिलाओं को न सिर्फ शारीरिक थकान से छुटकारा मिला है, बल्कि परिवार की देखभाल और दूसरे रचनात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त समय भी मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह बदलाव केवल पाइपलाइन और नल लगने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने उनके जीवन स्तर और गरिमा को नई दिशा दी है।
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