
रायपुर (निप्र)। पीलिया से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले पीलिया हर किसी को अपना शिकार बना रहा था, लेकिन अब गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक है। बीते तीन दिन में डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में भर्ती दो गर्भवतियों ने पीलिया से दमतोड़ दिया। इनमें से एक गर्भवती का पीलिया इतना अधिक था कि शिशु की गर्भ में मौत हो गई।
अब तक शहर के निजी और सरकारी अस्पताल में 8 गर्भवतियों की मौत हो चुकी है और दो के अजन्मे बच्चे गर्भ में भी मर गए। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि डीडीनगर में पीलिया फैलने का मुख्य कारण सीवरेज के पानी का पीने के पानी में मिलना था, लेकिन बरसात में यह स्थिति पूरे शहर में पैदा हो सकती है, क्योंकि जगह-जगह टूटी पाइप लाइन में सीवरेज और बरसात का गंदा पानी सीधे पहुंचकर हमें बीमार कर सकता है।
16जून को गुढ़ियारी कृष्णा नगर की रहने वाली 25वर्षीय गर्भवती महिला गोदावरी सिन्हा की मौत हुई और 18जून को खम्हारडीह निवासी 25वर्षीय गर्भवती महिला रामेश्वरी साहू की। रामेश्वरी के अजन्में शिशु ने भी दमतोड़ दिया। शहर में पीलिया से ये 6वीं गर्भवती महिलाओं की मौत है, जबकि दुर्ग और कांकेर निवासी एक-एक गर्भवतियों ने अंबेडकर अस्पताल में अंतिम सांस ली। शहर के शासकीय, निजी अस्पताल में पीलिया से यह 23वीं मौत थी, जबकि प्रदेश में संख्या बढ़कर 49 पहुंच चुकी है।
अब तक गर्भवतियों की मौत-
1- बबीता देवांगन, अश्वनी नगर
2- पप्पी साहू, अश्वनी नगर
3- नीलू साहू, दुर्ग
4- बनीता गौर, कालीनगर, पंडरी
5- सुभ्रदा मानिकपुरी, गुढ़ियारी
6- गोदावरी सिन्हा, कृष्णा नगर गुढ़ियारी
7- गायत्री पटेल, कांकेर
8- रामेश्वरी साहू, खम्हारडीह (गर्भ में ही बच्ची की मौत)
(10मई को जगन्नाथ नगर निवासी गर्भवती महिला लोकप्रिया निषाद के बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई थी।)
अंबेडकर अस्पताल पीलिया के 16मरीज-
अंबेडकर अस्पताल में बीते कुछ दिनों से पीलिया मरीजों की संख्या एकाएक कम हो चुकी थी। लेकिन बीते पांच दिनों से रूक-रूक कर हो रही बरसात के बाद मरीजों की संख्या बढ़कर 16पहुंच गई है। जिनमें 1गर्भवती महिला भी शामिल है। वहीं जिला अस्पताल समेत शहर के अन्य निजी अस्पतालों में भी संख्या बढ़ती जा रही है।
बरसात में साफ पानी पीएं- बाहर के खाने से बचें
1- बरसात में पीलिया सामान्य दिनों की तुलना में तेजी से बढ़ता है, इसलिए पानी को उबालकर पीएं, क्लोरीन की निर्धारित मात्रा का इस्तेमाल करें।
2- पीलिया, उल्टी दस्त या बुखार से संबंधित बीमारियों पर आप सीधे जिला अस्पताल में बने कंट्रोल रूम के लेण्डलाइन नंबर 0771-4044108 पर कॉल कर सकते हैं। कॉल करने पर अस्पताल में मौजूद 108एम्बुलेंस और अन्य एम्बुलेंस के माध्यम से मरीज तक पहुंचकर, उसे अस्पताल लाया जाएगा। जहां उसे उपचार दिया जाएगा। जिला अस्पताल में 30-30बिस्तर के वार्ड तैयार किए गए हैं, जिनमें पीलिया के मरीजों को रखा गया है। यह वार्ड आइसोलेटेड है।
तत्काल दिखवाता हूं
बरसात के दिनों में पीलिया बढ़ने का खतरा ज्यादा रहता है। क्योंकि नलों में भी गंदा पानी आता है, कई जगह पाईप लाइन फूटी होने के कारण गंदा पानी वहां से होता हुआ पीने की पाइप लाइन में जा सकता है। इसलिए बरसात में सभी पानी में क्लोरीन डालकर ही पीएं। जहां तक गर्भवती की मौत की बात है, तत्काल दिखवाता हूं।-डॉ. केआर सोनवानी, सीएमएचओ