
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी हत्याकांड के फैसले और भविष्य की कानूनी रणनीति पर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और पीड़ित परिवारों के साथ बैठक की। यह बैठक लगभग एक घंटे तक चली, जिसमें एनआईए की जांच और अदालत के फैसले के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। प्रदेश के नेताओं ने राहुल के समक्ष झीरम मामले से जुड़े तथ्य सामने रखे और कानूनी राय व सहयोग मांगा।
कांग्रेस ने झीरमकांड में केवल 10 आरोपितों को सजा मिलने को आधा-अधूरा न्याय बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि बैठक में पीड़ितों और उनके स्वजन ने राहुल गांधी को पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से न्याय नहीं मिला है, इसलिए आगे की कानूनी लड़ाई के लिए राहुल गांधी से मार्गदर्शन लिया गया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने बैठक को अत्यंत सार्थक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट से सजा केवल उन 10 छोटे स्तर के लोगों को मिली है, जबकि बड़े नाम वाले आरोपित अब भी फरार हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में राहुल गांधी ने कानूनी सहयोग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। बैठक में भूपेश व सिंहदेव के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डा. चरण दास महंत, विधायक उमेश पटेल, राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम समेत अन्य नेता शामिल हुए।
25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की झीरम घाटी में माओवादियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के कई शीर्ष नेताओं समेत कुल 32 लोगों की जान गई थी। जगदलपुर की विशेष एनआइए अदालत ने इस मामले में 10 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी की सजा) सुनाई है।