
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। कांग्रेस के नवनियुक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत 27 सितंबर को तीन दिवसीय प्रवास पर राजधानी रायपुर पहुंचने वाले हैं। प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ दौरा होगा, जिसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह देखा जा रहा है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में पार्टी संगठन की जमीनी स्थिति का जायजा लेना और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को अंतिम रूप देना है। इसके साथ ही वे कांग्रेस और जोगी कांग्रेस के विलय पर पार्टी नेताओं का मन टटोलेंगे।
इस दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के कांग्रेस पार्टी में संभावित विलय का मुद्दा गर्म रहेगा। विलय पर कांग्रेस की अनुशासन समिति ने अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है। पार्टी की नेता व पूर्व विधायक डाॅ. रेणु जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी ने कांग्रेस में पार्टी के विलय का आवेदन दिया है।
सूत्रों का कहना है कि सुखदेव भगत अपने इस दौरे में पार्टी की तैयारियों का आकलन करेंगे। वे वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग चर्चा कर फीडबैक लेंगे।
अमित जोगी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ चुनाव लड़ा था। इसके साथ ही, टीएस सिंहदेव के धुर विरोधी माने जाने वाले पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने भी कांग्रेस में वापसी के लिए आवेदन दिया है। कुछ भाजपा के बागी नेताओं के भी कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव 2018 में जेसीसीजे के पांच विधायकों ने चुनाव जीता था, हालांकि उस समय कांग्रेस सत्ता में आई थी और भाजपा के खिलाफ जनता में रोष था।
कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने स्पष्ट किया है कि जोगी कांग्रेस के विलय पर कोई भी निर्णय प्रदेश प्रभारी के साथ विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
वहीं जोगी पार्टी के विलय की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति ठीक वैसी ही है जैसे डूबते को तिनके का सहारा होता है।