
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दौरे पर पहुंचे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद स्वामी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी पर जमकर निशाना साधा। सर्किट हाउस में बुधवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में स्वामी ने कहा- अजीत जोगी के नक्सलियों के संबंध हैं।
जोगी ने नक्सलियों और ईसाई मिशनरियों को संरक्षण दिया था। उनके कार्यकाल में धर्मांतरण बढ़ रहा था, जिसके कारण प्रदेश की जनता ने उन्हें नकार दिया। वहीं, राहुल गांधी पर स्वामी ने कहा-उनके अंदर राजीव गांधी का खून कम और सोनिया गांधी का खून ज्यादा है, इसलिए राहुल की सोच में भारतीय भावना कम है।
यही कारण है कि जवाहरलाल नेहरू की एक पीढ़ी आज देशद्रोहियों के साथ खड़ी है। स्वामी ने कहा कि कांग्रेस इतनी दिशाहीन हो जाएगी, इसका अंदाजा नहीं था। उन्होंने कहा कि जो नारे कश्मीर की घाटी में लगते थे, उन्हें साम्यवादी अब राजधानी के विश्वविद्यालय में लगा रहे हैं।
शिक्षा केंद्रों को देश विरोधी गढ़ बनाया जा रहा है, यह बर्दाश्त के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को देश विरोधी, समाज विरोधी बनाने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी इन लोगों का समर्थन कर रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत है।
राम मंदिर चुनावी मुद्दा नहीं
स्वामी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राम मंदिर चुनावी मुद्दा नहीं रहेगा। मंदिर कई बार चुनावी मुद्दा बन चुका है। अब चुनाव के लिए कई मुद्दे हैं, जिसमें मोदी सरकार के विकास के कामकाज प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि मोदी की सरकार बनने के बाद विश्व में देश की प्रतिष्ठा और साख बढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद पलायन रुका है। नक्सल के नाम पर बदनाम छत्तीसगढ़ में अब निवेश के लिए स्पर्धा दिख रही है।
जोगी ने कहा, कोर्ट में दायर करेंगे मामला
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि स्वामी ने जो आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह से गलत है। उनका नक्सलियों से कोई संबंध नहीं है, न ही उन्होंने धर्मांतरण कराया है। वह धारा 500 के तहत चिन्मयानंद स्वामी के खिलाफ मुकदमा दायर करेंगे। जोगी ने कहा कि अगर मेरे नक्सलियों से संबंध हैं, तो केंद्र और राज्य में भाजपा की ही सरकार है। वह जांच करे और अगर मैं दोषी हूं तो कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं?