
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में करीब 20 हजार ई-व्हीकल हैं, लेकिन इनके अनुपात में चार्जिंग सुविधा अब भी सीमित है। शहर में चार ई-चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं, लेकिन इनमें इंडोर स्टेडियम का स्टेशन उपयोग में नहीं आ रहा है। यहां कर्मचारी नहीं होने के कारण लोग खुद भी चार्जिंग नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में आइएसबीटी, जयस्तंभ चौक मल्टीलेवल पार्किंग और नगर निगम मुख्यालय के सामने बने स्टेशन ही वाहन चालकों के लिए प्रमुख विकल्प हैं।
चार्जिंग सुविधा सीमित होने का असर यह है कि रास्ते में ई-रिक्शा या इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी खत्म होने पर चालकों को वाहन धक्का देकर या टो कराकर चार्जिंग स्थल तक ले जाना पड़ता है। दूसरी ओर, वर्ष 2025 में 15वें वित्त आयोग से तीन नए ई-चार्जिंग स्टेशन के लिए करीब 90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन स्थान चयन समेत अन्य प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में तीनों नए स्टेशन अभी कागजों तक सीमित हैं।
राजधानी में आटो और ई-रिक्शा चालकों को व्यवस्थित जगह देने के लिए नगर निगम और यातायात पुलिस करीब 100 स्थानों पर आटो स्टैंड बनाने की तैयारी कर रहे हैं। योजना में यात्रियों के इंतजार के लिए आटो चालकों को निर्धारित जगह देने के साथ कुछ स्टैंड पर ई-वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव भी है। नगर निगम के अनुसार एक ई-चार्जिंग स्टेशन तैयार करने की अनुमानित लागत करीब चार लाख आएगी। इससे चालकों को अलग से चार्जिंग स्टेशन तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि नई व्यवस्था का फायदा तभी मिलेगा, जब प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशन समय पर तैयार हों और मौजूदा स्टेशनों को भी नियमित रूप से चालू रखा जाए।
20 हजार — राजधानी में पंजीकृत ई-व्हीकल।
4 स्टेशन — शहर में बनाए गए ई-चार्जिंग स्टेशन।
1 स्टेशन — इंडोर स्टेडियम का स्टेशन उपयोग में नहीं।
3 स्टेशन — आइएसबीटी, जयस्तंभ चौक मल्टीलेवल पार्किंग और निगम मुख्यालय के सामने।
100 आटो स्टैंड — शहर में चिन्हित करने की तैयारी।
90 लाख रुपये — तीन नए चार्जिंग स्टेशनों के लिए स्वीकृत राशि।
3 नए स्टेशन — 15वें वित्त आयोग से प्रस्तावित।
18 रुपये प्रति यूनिट — मौजूदा चार्जिंग शुल्क।
4 लाख रुपये — एक चार्जिंग स्टेशन की अनुमानित लागत।
शहर में करीब 100 स्थानों पर आटो स्टैंड विकसित करने की तैयारी है। इनमें कुछ स्थानों पर ई-वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा देने की योजना भी है। इससे आटो चालकों को व्यवस्थित स्टैंड के साथ चार्जिंग की सुविधा मिल सकेगी।”
- पद्माकर श्रीवास, कार्यपालन अभियंता, नगर निगम रायपुर