
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों ने जवानों पर अटैक करने के लिए सीधी लड़ाई की जगह बारुदी सुरंग से हमले की रणनीति बनाई है। हाल ही में नक्सलियों ने बारुदी सुरंग विस्फोट कर सात जवानों की हत्या कर दी। इसके बाद सीआरपीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रारंभिक जांच की, उसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
बस्तर के अंदरुनी इलाकों में नक्सलियों ने हर तीन किलोमीटर पर एक बारुदी सुरंग बिछाई है। छत्तीसगढ़ पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार अंदरुनी इलाकों में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान बड़े पैमाने पर आईईडी बरामद हो रहे हैं। यह आईईडी एक किलो से लेकर दस किलो तक के हैं।
नक्सलियों ने उन स्थानों पर सबसे ज्यादा आईईडी लगाए हैं, जहां पानी की निकासी के लिए पुलिया बनी है। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ के जवानों ने वर्ष 2015 में 234 आईईडी रिकवर किए। ये आईईडी 1152 किलो के थे। वहीं 31 मार्च 2016 तक सीआरपीएफ ने 76 आईईडी रिकवर किए, जो 327 किलो के थे।
सीआरपीएफ के आला अधिकारियों ने बताया कि सड़क निर्माण में तैनात जवानों ने आईईडी रिकवर किए। रिकवर आईईडी की समीक्षा में सामने आया कि अंदरुनी इलाकों में हर तीन से पांच किलोमीटर की दूरी पर एक आईईडी बरामद हुआ। ये आईईडी जगदलपुर-बीजापुर, बीजापुर-सारकेगुड़ा-जगरगुंडा, दोरनापाल-जगरगुंडा, जगदलपुर-सुकमा-कोंटा, कोंटा-गोलापल्ली और मरईगुड़ा-गोलापल्ली सड़क पर मिले।
आईईडी ब्लास्ट में सबसे ज्यादा नुकसान
पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2015 में नक्सल ऑपरेशन में 19 जवान शहीद हुए, जबकि नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट में 11 जवानों को जान गंवानी पड़ी। माओवादियों ने वर्ष 2013 में 46, 2014 में 50 और 2015 में 65 आईईडी ब्लास्ट किए। दंतेवाड़ा के चोलनार पुलिस कैंप के पास अप्रैल 2015 में माओवादियों ने एंटी लैंडमाइन व्हीकल को ब्लास्ट कर उड़ाया, जिसमें पांच जवान शहीद हुए थे। जवानों की सतर्कता और आईईडी डिटेक्ट करके निष्क्रिय किए जाने से अंदरुनी क्षेत्र में तैनात सुरक्षाबलों और आम नागरिकों के जानमाल को होने वाले संभावित नुकसान को रोका जा सका है।
बस्तर में नक्सलियों ने बड़े पैमाने पर आईईडी लगाए हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस और सीआरपीएफ के जवान सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान बड़े पैमाने पर आईईडी निकाल रहे हैं। अकेले सीआरपीएफ के जवानों ने पिछले साल एक हजार किलो से ज्यादा आईईडी निकाले। आगे भी सीआरपीएफ और पुलिस के जवान तालमेल के साथ आईईडी निकालने में सक्रिय रहेंगे। - डीएम अवस्थी, स्पेशल डीजी, नक्सल ऑपरेशन
फैक्ट फाइल
वर्ष-जब्त बारुदी सुरंगें
2013-153
2014-149
2015-234
2016(31 मार्च तक)-76