• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

कौन बनेगा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का अगला अध्यक्ष, दीपक बैज का कार्यकाल 12 जुलाई को हो रहा है पूरा

छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का तीन साल का कार्यकाल 12 जुलाई को समाप्त हो रहा है। आदिवासी चेहरे के रूप में उन्हें बड़ी उम्मीदों के साथ कमान सौं...और पढ़ें

By Sandeep TiwariEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sat, 11 Jul 2026 03:32:08 PM (IST)Updated Date: Sat, 11 Jul 2026 03:33:56 PM (IST)
कौन बनेगा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का अगला अध्यक्ष, दीपक बैज का कार्यकाल 12 जुलाई को हो रहा है पूरा
हाल ही में दौरे पर आए राहुल गांधी के साथ सचिन पायलट, दीपक बैज, भूपेश बघेल व अन्य। अर्काइव

HighLights

  1. दीपक बैज का कार्यकाल 12 जुलाई को समाप्त
  2. गुटबाजी के कारण कार्यकारिणी गठन नहीं कर पाए
  3. अगले अध्यक्ष की दौड़ में दिग्गज नेता शामिल

संदीप तिवारी, नईदुनिया, रायपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी माने जाने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल 12 जुलाई को समाप्त हो रहा है। आदिवासी चेहरे के रूप में उभरे बैज का यह तीन साल का सफर किसी रोमांचक पटकथा से कम नहीं रहा, लेकिन अंत में उनके खाते में एक बड़ी कड़वाहट यह दर्ज हो गई कि वे अपनी पूर्ण ''कार्यकारिणी'' तक नहीं बना पाए।

भाजपा बैज की विदाई बिना टीम के होने के पीछे सबसे बड़ा कारण कांग्रेस का ''डीएनए'' यानी गुटबाजी बता रही है। राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत जैसे दिग्गज नेताओं के अपने-अपने खेमे हैं।


गुटों में सामंजस्य नहीं बना पाए

सूत्रों का कहना है कि इन गुटों के बीच सामंजस्य बैठाना बैज के लिए टेढ़ी खीर साबित हुआ और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष का 10 उपाध्यक्ष, 23 महामंत्री समेत 252 सदस्यों वाली पूर्ण कार्यकारिणी का सपना, सपना ही रह गया। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं अगला अध्यक्ष कौन होगा। एक तरफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने की कतार में टीएस सिंहदेव, डा. महंत, भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री डा. शिवकुमार डहरिया व उमेश पटेल के नाम की चर्चा है, तो दूसरी तरफ सियासी गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि उन्हें फिर से मौका मिल सकता है। इसकी मुख्य वजह राहुल-प्रियंका के साथ उनकी करीबी बताई जा रही है।

गुटबाजी में उलझा रहा कार्यकाल

राजनीतिक प्रेक्षकों के अनुसार बैज का कार्यकाल गुटबाजी में ही उलझा रहा। एक माह पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा था कि यदि पार्टी चाहे तो वे जिम्मेदारी संभालने को तैयार हैं। जवाब में बैज ने कह दिया था कि सिंहदेव वरिष्ठ हैं, उनके लिए राज्य छोटा है, उन्हें दिल्ली (राष्ट्रीय राजनीति) में सक्रिय होना चाहिए और अब युवाओं को मौका मिलना चाहिए। अभी चर्चा है कि युवा कांग्रेस के चुनाव में दुर्ग संभाग में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और भूपेश बघेल खेमे की रस्साकशी ने नई चुनौतियां पेश कर दी हैं। इस तरह गुटबाजी व जुबानी जंग साफ करती है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।

कमान संभालने के बाद मिली हार

जुलाई 2023 में जब दीपक बैज को कमान सौंपी गई थी, तब पार्टी ने उन पर बड़ा दांव खेला था। रायपुर में हुए 85वें राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद युवा नेतृत्व को तरजीह देने की रणनीति के तहत 42 वर्षीय बैज को कुर्सी दी गई थी। हालांकि, उनके नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन उम्मीदों के विपरीत रहा। 2023 के विधानसभा चुनाव में सत्ता हाथ से निकल गई और खुद दीपक बैज भी अपनी चित्रकोट सीट नहीं बचा पाए। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में 11 में से महज एक सीट और नगरीय-पंचायत चुनावों में मिली लगातार हार ने संगठन की कमर तोड़ दी।

जो काम नहीं करेंगे बदले जाएंगे: बैज

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि संगठन में जो जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं, उन्हें बदला जाएगा। हमने पीसीसी से लेकर बूथ स्तर तक कमेटियां गठित की हैं। हमने जनता के सामने साबित किया कि भाजपा सरकार पूरी तरह विफल है और उद्योगपतियों के हाथों की कठपुतली बनी हुई है।

गुटबाजी कांग्रेस के डीएनए में: चंद्राकर

भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस तदर्थवाद पर चल रही है। दीपक बैज की उपलब्धि शून्य है, क्योंकि कोई भी नेता अपनी पराजय का श्रेय लेने को तैयार नहीं है। गुटबाजी कांग्रेस के डीएनए में है।