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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Malnutrition Free Chhattisgarh: कुपोषण छोड़ पोषण की ओर, थामें क्षेत्रीय भोजन की डोर

Malnutrition Free Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में कुपोषण मुक्ति के लिए साझा प्रयास। तीज, गणेश चतुर्थी त्योहारों को पोषण और स्वास्थ्य गतिविधियों से जोड़ते हु...और पढ़ें

By Shashank.bajpaiEdited By: Shashank.bajpai
Publish Date: Sun, 29 Aug 2021 05:30:00 PM (IST)Updated Date: Sun, 29 Aug 2021 05:30:36 PM (IST)
Malnutrition Free Chhattisgarh: कुपोषण छोड़ पोषण की ओर, थामें क्षेत्रीय भोजन की डोर

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Malnutrition Free Chhattisgarh: कुपोषण एवं एनीमिया में कमी लाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में एक से 30 सितंबर तक जन-आंदोलन के रूप में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान तीज, गणेश चतुर्थी त्योहारों को पोषण और स्वास्थ्य गतिविधियों से जोड़ते हुए विविध आयोजन किए जाएंगे। जिला महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि वर्ष 2018 से देशभर में पोषण अभियान का संचालन किया जा रहा है।

इस बार भी गांव-गांव में जागरूक किया जाएगा। आंगनबाड़ियों के माध्यम से पौधारोपण, पोषण वाटिका निर्माण, योग सत्र केे कई कार्यक्रम होंगे। नारा लेखन, निबंध, स्लोगन, रंगोली और व्यंजन प्रतियोगिता होगी। प्रसव पूर्व जांच, गर्भावस्था, स्तनपान के दौरान पोषण और एनीमिया पर परामर्श दिया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा वर्चुअल माध्यम से सभी मार्गदर्शन दिया गया।


महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक दिव्या उमेश मिश्रा के साथ सभी विभागों ने ‘कुपोषण छोड़ पोषण की ओर,थामें क्षेत्रीय भोजन की डोर‘ लगाया। वर्चुअल बैठक में बताया गया कि पोषण पखवाड़े में हर हफ्ते अलग-अलग थीम आधारित कार्यक्रम आयोजित होंगे। पहले हफ्ते पोषण वाटिका का विकास, दूसरे सप्ताह में पोषण के लिए योग एवं आयुष, तीसरे सप्ताह आंगनबाड़ियों में हितग्राहियों को पोषण किट और सामग्री का वितरण और चौथे सप्ताह गंभीर कुपोषित बच्चों के चिह्नांकन एवं उन्हें पौष्टिक आहार वितरण किया जाएगा।

सभी विभाग मिलकर जनसमुदाय में पोषण और स्वच्छता संबंधी जागरूकता और उनमें व्यवहार परिवर्तन के लिए काम करेंगे। स्वस्थ जीवन के लिए पोषण अभियान में योग को भी शामिल किया गया है। किशोरियों, महिलाओं, गर्भवती को योगासन सिखाया जाएगा। अधिकारियाें से कहा गया है कि जिन आंगनबाड़ियों में नल लगे हैं, वह पंचायतों में दी गई किट के माध्यम से पानी की जांच करवा सकते हैं।

दूषित जल पाए जाने की स्थिति में जिला स्तर पर लैब के लिए सैंपल भेजे जाएंगे। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, उद्यानिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, नगरीय प्रशासन, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पोषण आहार बोर्ड, श्रम विभाग, आयुष विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य औषधि पादप बोर्ड, यूनिसेफ सहित कई संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।