
नईदुनिया प्रतिनिधि, धमतरी, कांकेर। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में वन्यजीवों की रिहायशी इलाकों में बढ़ती सक्रियता ने ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक और कांकेर जिले के ग्रामीण अंचल में जंगली जानवरों के जानलेवा हमलों की दो अलग-अलग घटनाओं से समूचे क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
धमतरी के कारीपानी गांव में मवेशी का शिकार करने पहुंचे तेंदुए ने एक ही परिवार के दो सदस्यों और पड़ोसी सहित तीन लोगों को नोचकर घायल कर दिया। वहीं कांकेर वन परिक्षेत्र के माकड़ी सिंगराय गांव में खेत से लौट रही एक महिला पर भालू ने हमला कर दिया। दोनों ही घटनाओं में घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां गंभीर घायलों का सघन उपचार जारी है। इन हमलों के बाद वन अमले ने दोनों क्षेत्रों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है।
धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक अंतर्गत बोरई थाना क्षेत्र के ग्राम कारीपानी में देर रात एक तेंदुआ मवेशी बाड़े में बंधे बैल का शिकार करने की नीयत से घुस आया। बाड़े में हलचल और मवेशियों की आवाज सुनकर घर की बुजुर्ग महिला उर्मिला बाई मरकाम (60 वर्ष) बाहर निकलीं। अंधेरे में मौजूद तेंदुए ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया। उर्मिला बाई की चीख-पुकार सुनकर घर आए उनके मेहमान व भाई सुंदर लाल नेताम (60 वर्ष, निवासी ग्राम उजरावन) उन्हें बचाने दौड़े, लेकिन तेंदुए ने उन पर भी हमला कर दिया। शोर सुनकर पड़ोस में रहने वाली मनई बाई मौके पर पहुंचीं, तो हिंसक तेंदुए ने उन्हें भी घायल कर दिया। ग्रामीणों के भारी शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने 108 संजीवनी एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को शासकीय अस्पताल नगरी पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उर्मिला बाई और सुंदर लाल नेताम की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल धमतरी रेफर कर दिया। दोनों का उपचार जारी है, जबकि मनई बाई का इलाज नगरी अस्पताल में चल रहा है। इस बीच नदी पार बस्तर बुडरा क्षेत्र में भी तेंदुए के हमले से कुछ ग्रामीणों के घायल होने की खबर आई है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में दहशत बढ़ गई है।
दूसरी घटना कांकेर वन परिक्षेत्र के ग्राम माकड़ी सिंगराय में हुई, जहां खेत में काम निपटाकर घर लौट रही एक महिला पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। महिला की चीख सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हाका लगाया और शोर मचाया, जिसके बाद भालू जंगल की ओर भागा। कांकेर डीएफओ शशिगानंदन के. ने बताया कि महिला और भालू के आमने-सामने आ जाने से यह हादसा हुआ। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिंसक भालू का रेस्क्यू कर लिया है और उसके व्यवहार पर नजर रखी जा रही है।
लगातार हो रही घटनाओं के मद्देनजर वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की है:
तड़के या देर शाम जंगल और खेतों की ओर अकेले जाने से बचें, हमेशा समूह में निकलें।
रात के समय घर के बाहर और मवेशी बाड़ों के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें।
झाड़ियों या पगडंडियों से गुजरते समय लाठी साथ रखें और आवाज करते हुए चलें।
किसी भी जंगली जानवर की आहट मिलने पर उसे घेरने या छेड़ने के बजाय तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें।