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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रायपुर में आज जुटेंगे देशभर के एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोग, दुनिया को बताएंगे लेस्बियन-गे-बाइसेक्सुअल होना शर्मनाक नहीं

लिंगभेद के बंधन को तोड़कर खुद के अस्तित्व को विश्व मानचित्र पर रखने के लिए दुनिया भर के समलैंगिक समुदाय के लोग रविवार को सांस्कृतिकगढ़ के नाम से देश-दुन...और पढ़ें

By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Sun, 18 Sep 2022 11:58:51 AM (IST)Updated Date: Sun, 18 Sep 2022 11:58:51 AM (IST)
रायपुर में आज जुटेंगे देशभर के एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोग, दुनिया को बताएंगे लेस्बियन-गे-बाइसेक्सुअल होना शर्मनाक नहीं

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंटर और क्वीर (एलजीबीटीक्यू) समुदाय के लोगों ने रविवार को रैली निकाली। विभिन्न् राज्यों से पहुंचे एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोग घड़ी चौक से चलकर तेलीबांधा स्थित मरीन ड्राइव पहुंचे। आयोजकों ने बताया कि रैली का उद्देश्य कानूनी अधिकारों की प्राप्ति के साथ ही सामाजिक स्वीकार्यता के लिए जागरूकता पैदा करना है।

मुंबई के हमसफर ट्रस्ट, दिल्ली के केशव सूरी फाउंडेशन के साथ छत्तीसगढ़ की मितवा समिति और क्वीरगढ़ फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से यह आयोजन किया गया। रैली में छत्तीसगढ़ समेत महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार समेत देश के 20 से अधिक राज्यों के क्वीर समुदाय के लोग गीत-संगीत व नृत्य करते हुए शामिल हुए।


सहभागियों ने क्या कहा : रैली में रायपुर से शामिल 70 वर्षीय महिला ने बताया कि उनकी बेटी माया ट्रांस वुमन है। इसका उन्हें गर्व है। यही बताने के लिए वे रैली में आई हैंं। सूरी फाउंडेशन नई दिल्ली के अक्षय त्यागी ने कहा कि ईश्वर ने जिसे तैसा बनाया है, समाज उसे उसी रूप में स्वीकार करे। कोलकाता के मानव अधिकार कार्यकर्ता व्यंकटेश कोडुकला ने कहा कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने नालसा जजमेंट में ट्रांस समुदाय को थर्ड जेंडर के रूप पहचान दी है, लेकिन व्यावहारिक में इसका पालन नहीं होता।

सेक्सचेंज आपरेशन से युवती बनीं भुवनेश्वर की शामिली धर ने बताया कि मैं पुरुष थी, लेकिन भावनाएं स्त्री की थीं। इसके कारण में स्कूल-कालेज में ताने सुनने पड़ते थे। अब शादी कर चुकी हूं और सेरोगेसी बच्चा चाहती हूं। ओडिशा के बलांगीर के शिक्षक रवि राज ने कहा कि एक टीवी इंटरव्यू में समलैंगिक होना स्वीकारा तो मेरे परिवार को गांव से अलग कर दिया गया। लोग सेक्स वर्कर कह गालियां देते हैं तो बुरा लगता है।