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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कार्रवाई जारी‌: बांग्लादेशियों को पनाह देने वाले शेख अली के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी

शक है कि बांग्लादेशी घुसपैठिए भाइयों को पनाह देने वाले संजय नगर के शेख अली इराक या फिर बांग्लादेश भागने की तैयारी में है। इसको देखते हुए आरोपित का लुक...और पढ़ें

By Shashank Shekhar BajpaiEdited By: Shashank Shekhar Bajpai
Publish Date: Wed, 19 Feb 2025 12:05:45 PM (IST)Updated Date: Wed, 19 Feb 2025 12:15:09 PM (IST)
कार्रवाई जारी‌: बांग्लादेशियों को पनाह देने वाले शेख अली के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी
शेख की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक उसके बारे में कोई सुराग नहीं लगा।

HighLights

  1. महाराष्ट्र, दिल्ली, उप्र और बंगाल में टीम ने दी दबिश।
  2. इराक या बांग्लादेश भागने की तैयारी में है शेख अली।
  3. फर्जी दस्तावेज बनाने आरिफ से मिले अहम सुराग।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। बांग्लादेशी घुसपैठिए भाइयों को पनाह देने वाले संजय नगर के शेख अली के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। उसकी तलाश में एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) और पुलिस की टीम महाराष्ट्र, दिल्ली, उप्र और बंगाल में टीम ने दबिश दी है, लेकिन अब तक उसके बारे में कोई सुराग नहीं लगा।

शक है कि आरोपित इराक या फिर बांग्लादेश भागने की तैयारी में है। इसको देखते हुए आरोपित का लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया। वहीं, बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले कंप्यूटर संचालक आरिफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रिमांड में पूछताछ में उसके द्वारा कई अहम जानकारी दी गई है।


जांच टीम ने जहां-जहां वोटर आईडी, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज तैयार किए गए थे, उन विभागों से जानकारी मांगी है। इनके साथ और कौन-कौन शामिल थे, इसकी भी जांच की जा रही है।

40 से ज्यादा लोगों के मिले दस्तावेज

एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) और रायपुर पुलिस द्वारा पकड़े गए बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले कंप्यूटर सेंटर संचालक आरिफ के दुकान की तलाशी के दौरान कंप्यूटर मिला है, जिसे जब्त कर लिया गया है। कंप्यूटर में 40 से ज्यादा लोगों का पैन कार्ड, आधार कार्ड और अंकसूची मिली है।

पुलिस को बांग्लादेशी घुसपैठिया इस्माइल के मोबाइल पर अब्दुल रज्जाक नाम के युवक का पासपोर्ट, वीजा और एयर टिकट मिला है, जो उनके साथ 28 जनवरी को मुंबई से इराक जा रहा था। यही दस्तावेज आरिफ के कंप्यूटर में भी मिला है। पुलिस को शक है कि रज्जाक का भी दस्तावेज रायपुर में बनाया गया है। शक है कि वह भी बांग्लादेश का हो सकता है।

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ऐसे जारी होता है लुकआउट सर्कुलर

गृह मंत्रालय लुकआउट सर्कुलर जारी करता है। राज्य सरकार में कम से कम ज्वाइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी और जिला स्तर पर कम से कम सुपरवाइजरी पुलिस आफिसर रैंक का अधिकारी इस सर्कुलर को जारी कर सकता है। यह सर्कुलर तय फार्मेट पर इमिग्रेशन चेक पाइंट पर जारी किया जाता है।

इसके बाद एयरपोर्ट, बंदरगाह और देश की सीमाओं को पर ऐसे व्यक्ति की निगरानी की जाती है। सर्कुलर जारी करने वाली एजेंसी को व्यक्ति के खिलाफ जरूरी जानकारी एक तय फार्मेट में देनी होती है। सर्कुलर का मकसद उन लोगों को रोका जा सके, जो कानून से बचने के लिए देश से बाहर भागने की कोशिश कर रहे हैं।

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ढाई लाख रुपये में बनाए फर्जी दस्तावेज

आरिफ का टिकरापारा में सत्कार कंप्यूटर सेंटर है। वह प्रॉपर्टी का भी काम करता है। 12 साल से वह कंप्यूटर सेंटर चला रहा है और उसकी आड़ पर वह फर्जी दस्तावेज तैयार करता है। उसने ही मूल रूप से बांग्लादेशी के रहने वाले शेख इस्माइल और उसके भाई शेख अकबर व शेख साजन के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं।

उसने शेख अली की अंकसूची को टेंपर कर इस्माइल की पांचवीं की अंकसूची बनाई। फिर उसी के आधार पर वोटर आईडी और आधार कार्ड बनाया। इन दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट और वीजा बनवाया।

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यह पूरा काम आरिफ ने संजय नगर के शेख अली के कहने पर किया है, जो घटना के बाद से फरार है। शेख अली ने तीनों भाइयों से इसके लिए ढाई लाख रुपये लिए थे।