दैनिक जागरण के अनंत विजय को माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान
दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक अनंत विजय को छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण समारोह में पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान से सम्मानित किया गया।
Publish Date: Tue, 03 Nov 2026 09:43:50 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Nov 2026 09:43:50 PM (IST)
नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उन्हें माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान ग्रहण करते वरिष्ठ पत्रकार वरिष्ठ पत्रकार और लेखक अनंत विजय।HighLights
- राज्योत्सव के दौरान सीएम विष्णु देव साय ने सम्मान प्रदान किया
- गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं
- नई पुस्तकों में ‘हिंदी का शुक्ल पक्ष’ और ‘हिंदी के दिव्य कलाधर’ शामिल
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक अनंत विजय को छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण समारोह में पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान से सम्मानित किया गया। नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी अनंत विजय करीब तीन दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वह दैनिक जागरण समूह में संपादक-फीचर हैं।
गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं
सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार और स्वर्ण कमल मिल चुका है। भारत सरकार ने उन्हें पत्रकारिता के सर्वोच्च सम्मान गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से भी सम्मानित किया है। अनंत विजय अब तक 17 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं।
उनकी पुस्तक ‘मार्क्सवाद का अर्धसत्य’ ने वैकल्पिक नैरेटिव को मजबूती दी, जबकि ‘अमेठी संग्राम’ काफी चर्चित रही। इसका अंग्रेजी सहित कई भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ है।
नई पुस्तकों में ‘हिंदी का शुक्ल पक्ष’ और ‘हिंदी के दिव्य कलाधर’ शामिल
उनकी नई पुस्तकों में ‘हिंदी का शुक्ल पक्ष’ और ‘हिंदी के दिव्य कलाधर’ शामिल हैं। वह 15 वर्षों से दैनिक जागरण में हर रविवार साहित्य, कला और संस्कृति पर लिख रहे हैं। पिछले छह वर्षों से उनका स्तंभ प्रत्येक रविवार नईदुनिया में भी प्रकाशित हो रहा है।
अनंत विजय फिल्म और टेलीविजन संस्थान, पुणे की कार्य परिषद के उपाध्यक्ष हैं। पिछले वर्ष प्रधानमंत्री ने उन्हें पद्म सम्मान चयन समिति में नामित किया था। वह भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला के विजिटिंग फेलो भी रह चुके हैं।